रांची। झारखंड सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में रांची नगर निकाय मेयर पद को अनुसूचित जाति (एससी) से हटाकर पुनः अनुसूचित जनजाति (एसटी) होने के बाद फिर से राजनीति सरगर्मी तेज हो चुकी है। वहीं युवा राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव विशु विशाल यादव ने कहा है कि प्रतिनिधित्व करने का मौक आदिवासियों के साथ साथ मूलवासियों का भी हक़ है। वहीं उन्होंने कहा कि झारखंड में अपार बहुमत से महागठबंधन सरकार बनाने में झारखंड के बहुसंख्यक आबादी एवं सभी जातियों ने मिलकर खास कर के एससी-एसटी-ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों का बहुमूल्य योगदान रहा था।
लेकिन झारखंड सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में रांची नगर निकाय मेयर पद को अनुसूचित जाति (एससी) से हटाकर पुनः अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित करने का निर्णय दलितों के साथ अन्याय है।ज्ञात हो कि झारखंड सरकार द्वारा पहले इस पद को अनुसूचित जनजाति (एसटी) से अनुसूचित जाति (एससी) करने के निर्णय से दलित समाज खुशी जताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया था कि अब दलित समाज भी रांची नगर निगम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा मगर कुछ आदिवासी संगठनों द्वारा विरोध करने पर सरकार द्वारा पूर्व में लिए गए अपने निर्णय का बदलना दूर्भाग्यपूर्ण हैं। इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह होगा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए सभी को प्रतिनिधित्व करने का मौका देना चाहिए ना कि सिर्फ किसी खास एक वर्ग को।
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