मधुपुर। माकपा शुरू से ही राज्य सरकार द्वारा कोर्ट फी में की गई भारी बढ़ोतरी का विरोध करती रही है।
इस मुद्दे पर पार्टी ने पिछले दिनों आंदोलन भी किया था। अब इस जनविरोधी फीस बढोत्तरी के खिलाफ हाईकोर्ट से नीचली अदालत तक अधिवक्ता भी न्यायिक कार्यों का वहिष्कार कर रहे हैं जिसका खामियाजा आम लोगों को भूगतना पड़ रहा है।
झारखंड सरकार का यह कदम कहीं से भी उचित नहीं है और मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप भी नहीं हैं। झारखंड जैसे राज्य मे हजारों विचाराधीन कैदी जिनमें आदिवासी, दलित और दुसरे गरीब न्याय की आस मे टकटकी लगाए हुए हैं और जिसकी चर्चा स्वयं माननीय राष्ट्रपति ने भी की है।यहां न्यायिक प्रक्रिया महंगी हो जाने और अब बंद हो जाने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों को हो रही है। इसलिए माकपा राज्य सरकार से मांग करती है कि अविलंब कोर्ट फीस मे की गई बढ़ोतरी को वापस ले। उक्त जानकारी प्रकाश विप्लव, राज्य सचिव ने दी।
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