जरमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुमका- देवघर मुख्य मार्ग में जमुआ के हुई घटना
आधे घंटे तक घटनास्थल पर घायल युवक तड़पता रहा, किसी ने नहीं की मदद
घायल युवक की मदद के बजाय उसकी फोटो लेने एवं घटनास्थल का वीडियो बनाने में मशगूल थे राहगीर व स्थानीय
बासुकीनाथ। जरमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुमका देवघर मुख्य मार्ग में जमुआ गांव के निकट सोमवार की दोपहर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल 22 वर्षीय युवक अशोक पुजहर पिता दीपनाथ पुजहर ग्राम अमरपानी, थाना जरमुंडी की दुमका फूलो झानो अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही मौत हो गई। घटना के बारे में जरमुंडी थाना प्रभारी दयानंद साह ने बताया कि सोमवार की दोपहर जरमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआ गांव के निकट सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर जरमुंडी थाना प्रभारी दयानंद साह, एसआई राजकुमार, बमशंकर, केके दुबे, योगेंद्र शर्मा, ऋषिकेश महतो एवं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन मंडल घटनास्थल पर पहुंचे एवं घटनास्थल पर गंभीर रूप से घायल पड़े युवक को जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां चिकित्सक अभिषेक कुमार के द्वारा घायल युवक की प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत बेहतर चिकित्सा के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को दुमका फूलो झानो मेडिकल कोलेज के लिए जाने के क्रम में रास्ते में ही मौत हो गई।
आधे घंटे तक घटनास्थल पर घायल युवक तड़पता रहा, किसी ने नहीं की मदद
घायल युवक की मदद के बजाय उसकी फोटो लेने एवं घटनास्थल का वीडियो बनाने में मशगूल थे राहगीर व स्थानीय
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि युवक ने हेलमेट नहीं पहनी थी। जिसकी वजह से उसके सर में काफी चोटें आई। इसके साथ ही घटनास्थल पर घायल युवक करीब आधे घंटे से अधिक समय तक तड़पता रहा। इस दौरान उसकी किसी ने भी मदद नहीं की। घायल युवक की मदद के बजाय उसकी फोटो लेने एवं घटनास्थल का वीडियो बनाने में राहगीर व स्थानीय लोग मशगूल दिखे। इस दौरान किसी ने जरमुंडी थाना को इसकी सूचना दी। उसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को स्वयं उठाकर अस्पताल भिजवाया। इस दौरान घायल को उठाने व वाहन में चढ़ाने में पुलिसकर्मियों की वर्दी भी घायल युवक के रक्त से रक्तरंजित हो गयी। जरमुंडी थाना प्रभारी दयानंद साह ने कहा कि घटना स्थल पर घायल की मदद करने में किसी को संकोच नहीं करना चाहिए। अगर घायल को सही समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है। थाना प्रभारी ने घायल लोगों की मदद के लिए समुदाय से मदद को लेकर जागरूक बनने की अपील की। बताया कि घायल की मदद करने में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी अड़चन नहीं आती है। हमें एक जागरूक नागरिक होने का परिचय देना चाहिए एवं घायल पड़े लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। आपकी छोटी सी मदद से किसी की जान बच सकती है।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/if9f