कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार और झारखंड सरकार के सहयोग से पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स झारखंड द्वारा दुमका जिले में कृषि खाद्य प्रसंस्करण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सर्वप्रथम पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के मंतोष सिंह सिनियर रेसिडेंट डायरेक्टर ने सभी अतिथियों का मोमेंटो देकर स्वागत किया। तत्पश्चात कार्यक्रम के विषय वस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र दुमका दास कुमार एक्का ने सम्मेलन में आए प्रतिभागी कषकों एवं उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की काफी संभावनाएं हैं। सरकार के पास इससे जुड़ी कई योजनाएं भी हैं लेकिन जानकारी और उचित प्रशिक्षण के अभाव में कृषक और व्यवसायी समूह से कोई इसके लिए आगे नहीं आ पा रहा है। जबकि हम लोग ऐसे उद्यमी को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उद्घाटन सत्र में एलडीएम प्रवीण कुमार एवं चंद्रशेखर पटेल ने कृषकों और उद्यमियों से कहा कि सरकार के तरफ से ऋण की पर्याप्त सुविधाएं हैं, अच्छे प्रोजेक्ट के साथ मेहनत करने वाले उद्यमी नहीं मिलते। कुछ निकल कर आते भी हैं तो लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं। झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के मुख्य प्रबंधक प्रदीप कुमार ने कहा किसानों और उद्यमियों के लिए जो योजनाएं हैं उसके लिए बैंक किसानों के साथ खड़ा है। जिला उद्यान पदाधिकारी गौतम कुमार ने कहा कि कृषि बागवानी और पशुपालन का फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से गहरा अंतर्संबंध रहा है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है, आवश्यकता है लोगों को जागरूक और प्रशिक्षित करने की, जिसके लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन और उद्योग विभाग द्वारा समय समय पर कई तरह के प्रशिक्षण चलाए जाते हैं, लोग इससे जुड़े और इस स्कीम का लाभ उठाएं। इसी कड़ी में सचिव स्थानीय चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के डॉ मनोज कुमार घोष ने भी अपनी बातें कहीं और उद्घाटन सत्र से जुड़े अतिथियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। सम्मेलन की दूसरे तकनीकी सत्र में “कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए सरकार की नीतियां, बाजार, वित्त और टेक्नोलॉजी” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें झारखंड राय यूनिवर्सिटी के डीन डॉ आरपी सिंह रतन ने विषय वस्तु पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़ने के लिए खाद्य प्रणाली को समझना होगा। उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादन का मात्र 3 प्रतिशत ही प्रोसेसिंग ही यहां होता है। इसके लिए टेक्नोलॉजी को समझना भी जरूरी है। जेएसएलपीएस के प्रोजेक्ट ऑफिसर प्रणव प्रियदर्शी ने कहा की बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करें। साथ ही वैल्यू एडिशन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने की भी आवश्यकता है। इसी कड़ी में जेएसएलपीएस के जिला प्रबंधक भोलानाथ गुप्ता ने भी कहा कि अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों को पहचानना होगा और उसकी समझ विकसित करनी होगी, लोगों के फूड सिस्टम को भी समझना होगा। मजदूर नहीं मालिक बनना पड़ेगा, तभी हम एक सफल उद्यमी बन सकते हैं। इसी क्रम में जामा प्रखण्ड से आई जागरुक महिला समूह की सफल महिला उद्यमी सपना कुमारी ने भी अपना अनुभव साझा किया और महिला कृषकों को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के रेसिडेंट ऑफिसर राहुल कुमार लाल के संयोजन एवं जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े किसान, जेएसएलपीएस से जुड़ी सखी मंडल की महिलाएं, जिला उद्योग केंद्र से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी, स्थानीय व्यवसायी, उद्यमी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, स्थानीय चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि सहित कृषक समूह से जुड़े लगभग 300 से ज्यादा महिला पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में चेंबर ऑफ कॉमर्स के रेसिडेंट ऑफिसर राहुल कुमार लाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
दिनांक : 30/6/2023
राहुल कुमार लाल , रेसिडेंट ऑफिसर , पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स, रांची