विरोध प्रदर्शन एवं जनाक्रोश रैली के जरिए सरकार तथा स्थानीय सांसद, विधायक एवं जिला प्रशासन से मदद की अपील

डीबीएल कंपनी के खिलाफ सैकड़ो ट्रांसपोर्टर सहित स्थानीय ग्रामीणों ने निकाला जनाक्रोश रैली

हमारे हक के अधिकार को डीबीएल कंपनी बाहरी वेंडर के हाथों देना चाहती हैं : ट्रांसपोर्टर

अपने अधिकार के लिए आंदोलन के लिए तैयार है और जरूरत पड़ी तो आगे भी अंतिम चरण तक बरकरार रखेंगे : स्थानीय ग्रामीण

IMG-20221227-WA0003
IMG-20221227-WA0002
IMG-20221227-WA0001
पाकुड़। पाकुड़। पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के पचुवाड़ा गांव में संचालित सेंट्रल कोल ब्लॉक के एमडीओ डीबीएल कंपनी के खिलाफ अमड़ापाड़ा, पाकुड़ सहित पचुवाड़ा, आलुबेड़ा, पोखरिया सहित स्थानीय ट्रांसपोर्टर, वेंडर एवं बेरोजगार युवाओं के द्वारा डीबीएल कोल कंपनी के वादाखिलाफी एवं तानाशाही रवैया के विरोध में सोमवार को वैष्णवी दूर्गा मंदिर से डीबीएल कार्यालय के मुख्य गेट तक जनाक्रोश रैली निकाली गई एवं स्थानीय ट्रांसपोर्टर, ग्रामीण एवं वेंडर ने कंपनी के विरोध में कई नारे भी लगाए जैसे सिंगल वेंडर नही चलेगा, डीबीएल कंपनी वापस जाओ, आदिवाद मूलवासी एकता जिंदाबाद, स्थानीय को रोजगार देना होगा, बकाया भुगतान करना होगा इन सभी नारों के साथ सभी लोग रैली के साथ आगे बढ़ते हुए डीबीएल कंपनीके मुख्य गेट पर जा कर रुकी। वही पाकुड़ अमड़ापाड़ा के स्थानीय ट्रांसपोर्टर, वेंडर, स्थानीय बेरोजगार युवाओं ने बताया कि इस जनाक्रोश रैली से पूर्व हम सभी स्थानीय वेंडर ने डीबीएल कंपनी द्वारा वादाखिलाफी को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा था। वही स्थानीय ट्रांसपोर्टर, वेंडर ने बताया कि हमलोगों को डीबीएल कंपनी के द्वारा वादा किया था कि आप लोगों का बकाया भुगतान के साथ साथ वर्क ट्रांसपोर्टिंग सहित वर्क आर्डर भी दिया जाएगा। लेकिन डीबीएल कंपनी एक सिंगल आदमी को ट्रांसपोर्टिंग का काम देकर हमलोगों के साथ धोखा देने का काम कर रही हैं, लेकिन कंपनी को हमलोग मनमानी करने नहीं देंगे। डीबीएल कोल कंपनी बाहरी को सिंगल वेंडर के तर्ज पर काम करना चाहती है जो कि हम सभी लोग कतई बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के जरिये इस जनाक्रोश ने सरकार तथा स्थानीय सांसद, विधायक एवं जिला प्रशासन से मदद की अपील करते हुए कहा कि डीबीएल कंपनी हमे ठग रही है।हमें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही हैं। विधि-व्यवस्था को बिगाड़ने का कार्य कर रही हैं। हमसबों को हमारा हक दिलाने का कार्य करें। पचुवाडा सेंट्रल कोल ब्लॉक में खनन कंपनी डीबीएल के द्वारा सरकारी नियम एवं कानूनों का उल्लंघन करते साजिश के तहत स्थानीय लोगों को शोषण करने का काम किया है। वही बताते चले कि अनुमंडल कार्यालय के सभागार कक्ष में अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक की अध्यक्षता में डीबीएल कंपनी के प्रतिनिधि व ट्रांसपोर्टरों और पीएसपीसीएल के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों की बैठक की गई थी। जिसमें डीबीएल कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा यह वादा किया गया था कि सभी 78 ट्रांसपोर्टरों को लंबित बकाया भुगतान 15 दिसंबर तक एकमुश्त कर दिया जाएगा। जो भी हमारे पुराने वर्कर है उसे प्राथमिकता देते हुए ट्रांसपोर्टिंग का काम कार्य आदेश देंगे। पुलिस प्रशासन के समक्ष किए गए इस वादे और निर्णय के उपरांत हम सभी ट्रांसपोर्टरों ने अपने ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर 2 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आलूबेड़ा से लौटामारा रेलवे साइडिंग तक कोल परिवहन कार्य किया है। जिसकी चालान भी हम लोगों के पास है। ट्रांसपोर्टिंग एवं डीजल की मांग करने पर कंपनी ने अपने वादे से मुकरते हुए कहा कि हमारे ऊपर के मैनेजमेंट ने किसी एक व्यक्ति के नाम पर कार्य आदेश जारी किया है। कंपनी के द्वारा जब हम लोग अपना रोजगार के लिए जाते हैं तो उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को कार्य देश दे दिया गया है। डीबीएल कंपनी के इस शोषणकारी मानसिकता से हम सभी पाकुड़ जिले वासी अत्यंत दुखी और आक्रोशित और अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। डीबीएल कंपनी एक अधिकारी के चिकनी चुपड़ी बातें कर ने हमें धोखे में रखकर सात बरसों से बंद पड़े पुराना पचुवाड़ा सेंट्रल कोल माइंस को चालू करवाया और हमारे रोजगार की अनदेखी कर किसी एक पूंजीपति को कार्य आदेश देकर हम सभी को रोजगार से वंचित कर दिया है। मौके पर पाकुड़, पोखरिया, रांगा केवट टोला और अमड़ापाड़ा के सभी वेंडर और स्थानीय लोगों मौजूद थे। मौके संतोष रजक, संजय रजक, अमित कुमार, सुमन भगत, जेपी भगत, मो. राजा, मो. सिटूल, पवन कुमार भगत, नीरज भगत, निखिल कुमार, सरोज मंडल, प्रदीप रॉय, दशरथ भगत, मुन्ना भगत, संतोष केवट, दिलीप केवट, राहुल भगत, सुमन भगत, संजू सिंह, गयालाल देहरी, अनिल मुर्मू, सोनू भगत, विकास भगत, राज किशोर चौधरी, मो. जावेद, विनीत भगत,गिरधारी साह, राहुल सिंह, बाबू भट्टाचार्य, नीरज अग्रवाल, निरंजन चौबे, संतोष भगत, बिपिन भगत, स्टानिस हेम्ब्रम,उमेश ठाकुर, राज आनंद, नितेश कुमार, गौतम, मो. असलम, लालू, विशाल, चन्द्रमा, टिंकू रजक सहित पाकुड़ जिले के सैकड़ो ट्रांसपोर्टर एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/7hmc

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *