स्वच्छ भारत मिशन फेस 2 के तहत प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का किया गया आयोजन 

IMG-20230301-WA0051
देवीपुर। प्रखंड विकास पदाधिकारी अभय कुमार अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन फेज 2 अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन हेतु प्रखंड स्तर पर कुल संरचनाओं के आंकलन हेतु प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रखंड सभागार देवीपुर में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल देवघर के द्वारा आयोजित किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का अभिनन्दन प्रखंड समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण रमेश प्रभाकर द्वारा किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज- 2 वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रारंभ किया गया है साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 तक सम्पूर्ण ग्राम स्तरों पर मिशन मोड में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य विभिन्न विभागों के अभिसरण यथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य विभागों से किया जाना है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज 2 के तहत् विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाना है।
इसी उद्देश्य के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज 2 के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संरचनाओं का आकलन कर विलेज सेनिटेशन सैचुरेशन प्लान तैयार किया जाना है। जिसके तहत प्रखंड स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
कार्यशाला में प्रमोद कापरी जिला समन्वयक समन्वयक आईइसी के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज 2 के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संरचनाओं का आकलन कर विलेज सेनिटेशन सैचुरेशन प्लान भीएसपी विषय पर पपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गयी।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मुखिया और जलसाहिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा अभियान चलाते हुए सभी ग्रामों में जाकर वहां की संरचनाओं के आंकलन तैयार करते हुए प्रखंड स्तरीय योजना तैयार करेंगे जिसके आधार पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने एक डाटा तैयार करने की सलाह दी जिसके तहत पूर्व के वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत कई स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा चुका है जिसका आंकलन करते हुए उनका पुनः उपयोग किया जा सकता है वैसे स्ट्रक्चर्स की सूची तैयार करें ।
जिला समन्वयक एमआईएस इंदुशेखर झा ने सभी मुखिया सह अध्यक्ष ग्राम जल स्वच्छता समिति से अनुरोध किया कि उनके ग्राम जल स्वच्छता समिति में बची शेष राशि ब्याज सहित विभाग के खाते में जमा करते हुए ग्राम जल स्वच्छता समिति के खाते को रिनेम कर ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति जल जीवन मिशन करना सुनिचित करें।
बताते चले कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत ओडीएफ प्लस पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही खुले में शौच मुक्त अभियान को जारी रखा जाएगा तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी निम्नलिखित चार संकेतकों के आधार पर की जाएगी- प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन,जैव अपघटित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (जिसमें पशु अपशिष्ट प्रबंधन शामिल है),धूसर जल प्रबंधन,मलयुक्त कीचड़ प्रबंधन साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि हर व्यक्ति शौचालय का इस्तेमाल करें। इस कार्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण ) मानदंडों के अनुसार नए पात्र परिवारों को शौचालय निर्माण उपरांत उनके व्यतिगत खाते में 12,000 रुपए की राशि प्रदान करने का प्रावधान जारी रहेगा।ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत बुनियादी ढाँचों जैसे कि खाद के गड्ढे, सोखने वाले गड्ढे, अपशिष्ट स्थिरीकरण तालाब, शोधन संयंत्र आदि का भी निर्माण किया जाएगा।भारत मिशन (ग्रामीण) के इस चरण में घरेलू शौचालय एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के माध्यम से रोज़गार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करना जारी रहेगा।कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावे प्रखंड प्रमुख श्रीमती प्रमिला देवी, सहायक अभियंता श्री सुमित साव पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल देवघर,प्रखंड क़ृषि पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक पंचायती राज, सभी मुखिया, पंचायत सचिव,रोजगार सेवक,सभी जलसाहिया सहित के कर्मी उपस्थित थे।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/xhqh

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *