बड़ी संख्या में सेमिनार में शामिल हुए अभ्यर्थी !
दृढ़ संकल्प और बेहतर मार्गदर्शन, सफलता की सीढ़ी - विनय मिश्रा
जामताड़ा I न्यू टाउन स्थित बालिका उच्च विद्यालय के समीप आशीर्वाद मैरेज हॉल सभागार में गुरुवार को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाली देश की प्रसिद्ध संस्थान चाणक्य आईएएस एकेडमी की ओर से यूपीएससी एवं जेपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे या तैयारी के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए कैरियर सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं की शिरकत हुई। मौके पर बतौर मुख्य वक्ता, मोटिवेशनल स्पीकर और चाणक्य आईएएस एकेडमी के वाइस प्रेसिडेंट विनय मिश्रा ने सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित कई अहम बातें मौजूद अभ्यर्थियों को बताई। साथ ही कहा कि जितनी संख्या में युवा इस सेमिनार में शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि यहां के युवाओं में सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने की प्रबल चाहत भी है और क्षमता भी। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी बिल्कुल मुश्किल नहीं है। कोई भी व्यक्ति जो निम्नतम अहर्ता रखता है, वह उचित मार्गदर्शन में जरूरी मापदंडों का पालन कर इस परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सकता है। चाणक्य आईएएस एकेडमी से पढ़कर अब तक 5000 से भी अधिक सिविल सेवकों में ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि किसी भी अभ्यर्थी के लिए लक्ष्य निर्धारण आवश्यक है। बिना लक्ष्य के मंजिल तक पहुंचना मुश्किल है। श्री मिश्रा ने आगे कहा कि बचपन से लेकर बुढ़ापे तक के जीवन में अनुशासन का महत्व है, जिसे अपनाए जाने पर सफलता आसानी से पाई जा सकती है। यूपीएससी या जेपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए भी अनुशासन का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अभ्यर्थी दृढ़ निश्चय कर ले और समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में नियमित परिश्रम, उचित मार्गदर्शन में करे, तो सफलता निश्चित रूप से मिल सकती है। वहीं चाणक्य आईएएस एकेडमी के धनबाद शाखा के मेंटर उज्जवल कुमार पाण्डेय ने भी सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां बड़ी संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों को दी। बताते चलें कि 1993 में देश की राजधानी दिल्ली में स्थापित चाणक्य आईएएस एकेडमी की फिलहाल देश भर में 24 शाखाएं हैं, जिसमें झारखंड में रांची, धनबाद और हजारीबाग में शाखाएं संचालित हैं। चाणक्य आईएएस एकेडमी की सभी शाखाओं की यह विशेषता है कि सभी शाखाओं में राजधानी दिल्ली जैसी तमाम सुविधाएं अभ्यर्थियों को मुहैया कराई जाती है, जिसमें स्मार्ट क्लास रूम, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, विषय विशेषज्ञों के द्वारा कक्षाओं का आयोजन, डाउट क्लासेज, पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण समेत वैसी सभी सुविधाएं संस्थान के शाखाओं में मुहैया कराई जाती है, जो अभ्यर्थियों के लिए लाभदायक हो। ऐसे में सिविल सेवा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को महानगरों में जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि झारखंड के रांची, धनबाद और हजारीबाग जैसे शहरों में रहकर भी तैयारी कर सफलता पाई जा सकती है। ज्ञात हो कि चाणक्य आईएएस एकेडमी के 30 वर्षों के सफर के दौरान इस संस्थान के विभिन्न शाखाओं से पढ़ाई के बाद सफलता प्राप्त कर अब तक 5000 से भी अधिक सिविल सेवक देश के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं। मंच संचालन मौसमी दास ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मौसमी दास के साथ साथ शुभम कुमार, मनसा रजक, रानी, श्रूति झा, श्रूति शाह सहित चाणक्य आईएएस एकेडमी परिवार का अहम योगदान रहा।