सीटू और एचएमएस ने प्रबंधन पर मजदूर एकता को तोड़ने का लगाया आरोप

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गोमिया/ इण्डियन एक्सप्लोसिब्स वर्कर्स यूनियन (एचएमएस) एवं इण्डस्ट्रीयल मजदूर युनियन (सीटू) गोमिया शाखा द्वारा रविवार को आइइएल स्थित यूनियन कार्यालय में संयुक्त रूप में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थानीय प्रबंधन पर मजदूर एकता तोड़ने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सीटू के नेता रामचंद्र ठाकुर और एचएमएस के संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि विगत दिनों तथाकथित एक यूनियन ने गलत तथ्यों और सदस्यता के गलत आंकड़ों के आधार पर हमारी यूनियनों को खारिज कर अपनी यूनियन की मान्यता की माँग उठाते हुए एक प्रेस बयान दिया था। उन्होंने कहा कि इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से सीटू और एचएमएस संयुक्त रूप से उक्त यूनियन द्वारा दिए गए बयान का तीव्र प्रतिवाद करते हुए इसकी निंदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इस समय जब आइइएल गोमिया के मजदूरों का वेतन समझौता की अवधि समाप्त होने वाली है और मजदूरों के हित में एक बेहतर समझौता हो, इसके लिए मजदूरों की एकता की जरूरत है। वैसे समय पर इस तरह का बयान देकर युनियनों के बीच आपसी संघर्ष कराने और मजदूरों को अलग-अलग खेमे में बाँट कर मजदूरों की एकता को तोड़ने की कार्रवाई सर्वथा निंदनीय है। यह किसी न किसी रूप से कम्पनी और प्रबंधन के पक्ष में और मजदूरों के खिलाफ की जा रही एक साजिश है। उन्होने दोनों यूनियन के रजिस्ट्रेशन रद्द होने का मामला उठाया है। सच्चाई है कि झारखंड सरकार एवं बिहार सरकार के बीच समन्वय की कमी के कारण झारखंड गठन के पूर्व संयुक्त बिहार के जमाने से जो 980 युनियन रजिस्टर्ड था, उनका तकनीकी कारणों से बिहार सरकार के श्रम नियोजन विभाग ने रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इसमें युनियनों का कोई दोष नही है। युनियनों के द्वारा प्रतिवर्ष ट्रेड युनियन एक्ट के आधार पर झारखंड सरकार के श्रम विभाग में ऐअनुवल रिटर्न  जमा किया जाता रहा है और अभी भी जमा किया जा रहा है। झारखण्ड सरकार ने रजिट्रेशन रद्द नहीं किया है। बल्कि पिछले वर्षों में झारखण्ड के सभी ट्रेड युनियनो के सामुहिक दबाव पर झारखण्ड सरकार के श्रम विभाग ने पुनर्निबन्धीकरण के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। हमारे दोनों यूनियनों ने सक्षम अधिकारी के पास पुनर्निबन्धीकरण के लिए बहुत पहले आवेदन कर चुके है। इस स्थिति का लाभ उठाकर उक्त यूनियन के द्वारा मान्यता के लिये माँग उठाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकार के उपर हमला है। उन्होंने कहा कि हम सभी मजदूरों से अपील करते है कि इस प्रकार के भ्रमित करने वाले बयान का प्रतिवाद करे और बेहतर वेतन समझौता के लिए अपनी अटुट एकता को बनाए रखें। हम प्रबंधन से माँग करते है कि मजदूरों के आगामी वेतन समझौता बेहतर करने की दिशा में कदम उठावें अन्यथा हम आंदोलन में जाने के लिए बाध्य होंगे।मौके पर यूनियन के कई सदस्य उपस्थित थे।

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