गिरिडीह। गिरिडीह के आजाद नगर निवासी साकिर रजा को बेहतर इलाज हेतु सदर अस्पताल से रेफर के बाद भी एंबुलेंस के लिए तड़पता रहा चार घंटे। भाकपा मालेनेता राजेश सिन्हा और राजेश यादव को जब इस विषय की सुचना मिली तो दोनो ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राइवेट एंबुलेंस कर के ईलाज हेतू आर्थिक सहायता करते हुए धनबाद भेजा। माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसके पास निजी एंबुलेंस को देने के लिए पैसे भी नहीं थे , सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था। फिर भी सरकारी एंबुलेंस मुहैया नही कराई गई। गिरिडीह में सीएम के प्रोग्राम के कारण सदर में एक भी एंबुलेंस नही था। मरीज के परीजनो ने 108 फोन किया 9 बजे सुबह और एंबुलेंस के इंतजार में दिन के एक बजे तक मरीज बाहर स्ट्रचर पर तड़प रहा था। रेफर के बाद भी लगभग चार घंटे एंबुलेंस के लिए तड़पते रहा मरीज । सारा सरकारी महकमा सीएम के आवभगत में व्यस्त था और सदर अस्पताल में गरीब मरीज जिंदगी और मौत के बीच दर्द से कराह रहा था। कहां चली गई इमरजेंसी सेवा पूछती है गिरिडीह की आम आवाम और भाकपा माले।