मोरहाबादी मैदान से निकला आक्रोश मार्च
रांची। कांग्रेस ने अडानी हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग की है। इस मांग के समर्थन में पार्टी की ओर से सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इस क्रम में रांची में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्त्ताओं ने राजभवन घेराव किया। इस प्रदर्शन में सरकार में शामिल कई मंत्री और पार्टी विधायक शामिल हुए। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्त्ता राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष एकत्रित हुए। वहां से पैदल मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यकर्त्ता राजभवन के लिए निकले। लेकिन जाकिर हुसैन चौक पर पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने राजभवन के निकट सभी कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को रोक दिया गया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि अडानी समूह के पक्ष में केंद्र सरकार की नीति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अडानी समूह को बेचा जा रहा है। राजेश ठाकुर ने कहा कि एसबीआई और एलआईसी जैसे सार्वजनिक संस्थानों को अडानी समूह में निवेश करने के लिए बाध्य किया गया। जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की बचत खतरे में पड़ गई है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि गरीबों का पैसे लुटते देख कांग्रेस कभी भी चुप नहीं बैठेगी। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। जब तक केंद्र सरकार इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से निष्पक्ष तरीके से होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन को मंत्री बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधायक इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
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