जरमुंडी में समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग छात्रों के अभिभावकों का वातावरण निर्माण को लेकर कार्यशाला का आयोजन
दिव्यांगता अभिशाप नहीं, दृढ़ इच्छाशक्ति कौशल विकास से : मोहम्मद जमालुद्दीन
बासुकीनाथ। जरमुंडी प्रखंड स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में शुक्रवार को समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का वातावरण निर्माण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मोहम्मद जमालुद्दीन ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। दिव्यांग छात्र-छात्राएं अपने रूचि के अनुसार कौशल विकास एवं तकनीकी ज्ञान हासिल कर जीवन में सफल हो सकते हैं। मोहम्मद जमालुद्दीन ने दिव्यांग छात्रों के माता-पिता को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि वरदान है। आप अपने बच्चों के उत्साह को हमेशा बढ़ाते रहें। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया कि अपने बच्चों के हुनर को पहचाने, उनके रुचि व क्षमता के अनुसार उन्हें तकनीकी ज्ञान प्रदान करने में मदद करें। बीईईओ वसुंधरा कुमारी ने कहा कि दिव्यांग छात्र छात्राओं को शिक्षा विभाग के द्वारा मिलने वाली जितनी भी सुविधाएं हैं, उससे अवगत कराते हुए इसका लाभ उठाने की अपील की। समावेशी शिक्षा प्रभारी निरंजन मंडल एवं सुनीता कुमारी ने सभी दिव्यांग छात्र छात्राओं के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने बच्चों को विद्यालय अवश्य भेजें। प्रखंड साधन सेवी लक्ष्मण राउत ने कहा कि दिव्यांग छात्रों को सरकार के द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं सहजतापूर्वक उपलब्ध कराई जाएगी। लक्ष्मण राउत ने रिसोर्से शिक्षक के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय चंदन पहाड़ी के में चौथी कक्षा में अध्ययनरत नेत्रहीन दिव्यांग छात्र पप्पू राय को ब्रेल किट प्रदान किया गया। इस मौके पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मोहम्मद जमालुद्दीन, वसुंधरा कुमारी, प्रखंड साधन सेवी लक्ष्मण राउत, वकील चंद्र यादव, रिंकू कुमारी सहित अन्य मौजूद थे।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/br72