देवघर I बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व प्रवक्ता अजय कुमार ने भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग केंद्र सरकार से की है।श्री कुमार ने कहा कि सीताकांत महापात्र समिति की रिपोर्ट पेश किए जाने के 13 साल गुजरने और संसद में आश्वासन के बावजूद भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं किया जा सका है। श्री कुमार ने कहा कि भारत के पूर्वांचल, झारखंड एवं दिल्ली सहित नेपाल, मॉरीशस, श्रीलंका, फिजी, थाईलैंड, सूरीनाम, गयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो जैसे देशों में बोली जाने वाली इस समृद्ध भाषा को अब तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जाना निश्चित रूप से दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण तो है ही तथा साथ ही इस भाषा के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार भी।