आईएमए एवं झासा की संयुक्त बैठक में की गई 50 बेड से नीचे प्राइवेट हॉस्पिटल को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त करने की मांग
गोड्डा। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने एवं 50 बेड से नीचे वाले अस्पताल को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त करने की मांग को लेकर राज्य के चिकित्सक पुनः गोलबंद हो रहे हैं। ये मांग चिकित्सक लंबे अरसे से कर रहे हैं। इन दो महत्वपूर्ण मांगों के प्रति सरकार का सकारात्मक रवैया नहीं होने पर चिकित्सक एक बार फिर आंदोलन का शंखनाद कर सकते हैं। मंगलवार को आइएमए एवं झासा की झारखण्ड राज्य इकाई के संयुक्त आह्वान पर दोनों संगठन की जिला इकाई की संयुक्त बैठक हुई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों लंबित मांगों पर जोर देने के लिए उपायुक्त के माध्यम से सरकार को याद दिलाई जाए कि राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो तथा 50 बेड से नीचे वाले अस्पताल को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त किया जाए। ताकि जनता को कम दर पर इलाज मुहैया हो।इसके बारे में सरकार में चर्चा काफी दिनों से चल रही है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो हम चिकित्सक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक की अध्यक्षता डॉ श्यामजी भगत कर रहे थे। बैठक में डॉ अशोक कुमार, डॉ अजय झा , डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा, डॉ प्रभा रानी प्रसाद, डॉ ताराशंकर झा, डॉ रामप्रसाद, डॉ राजन, डॉ महमूद, डॉ अरविन्द, डॉ ऋषभ आदि मौजूद थे।
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