दहेज के कारण गरीब बेटियों के माता पिता को भीख मांगने पर कर देता है मजबूर : मौलाना हाफिज खुर्शीद
मधुपुर। इसलाह ए मुआसरा कमेटी के तत्वाधान में रविवार को शहर के चांदमारी मदरसा सिराजुल इस्लाम के सभागार में समाज में फैल रही दहेज प्रथा, डीजे, पटाखे जैसी फिजूलखर्ची बुराइयों के खिलाफ एक अहम सामाजिक बैठक नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद जियाउल हक उर्फ टार्जन की अध्यक्षता में मदरसा में विभिन्न मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष, सेक्रेटरी, मस्जिदों के इमाम के बैठक की गई। बैठक में बड़ी मस्जिद कमेटी, पनाहकोला, चांदमारी, लालगढ़, संघरा, मदीना, फतेहपुर पटवाबाद, बावनबीघा, बेलपाड़ा, चांदमारी, बघाडीह, खलासी मोहल्ला, मदरसा सिराजुल इस्लाम, मदरसा दीनीयां इस्लामिया कमेटी के प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न मस्जिदों के सदर, सेक्रेटरी, इमाम और गणमान्य व्यक्तियों ने एकमत होकर मुस्लिम समाज के शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रमों में इस्लाम विरोधी फिजूलखर्ची रोकथाम का निर्णय लिया गया। बैठक ईस्लाह मोआशरा जनरल कमेटी मधुपुर के द्वारा किया गया। बैठक में जियाउल हक ने कहा कि समाज में फैल रही बुराइयों और कुरीतियों को रोकने के लिए सभी लोगों का सहयोग जरूरी है। विभिन्न संगठनों के सहयोग के बगैर समाज में फैल रही बुराइयों को रोकना संभव नहीं है। समाज के कार्यक्रम से डीजे बाजा और आतिशबाजी को समाप्त करना है। डीजे के कारण समाज में कोई कार्यक्रम सम्मान पूर्वक संपन्न नहीं हो पाता। भद्दे गानों के कारण युवा वर्गों में भटकाव की स्थिति उत्पन्न है। समाज के तमाम उलेमा और प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध है कि समाज में फैल रहे बुराइयों को रोकने में अपना भरपूर सहयोग दें। बैठक में ऐनुल होदा, फैयाज कैसा है मोहम्मद शाहिद उर्फ फेकू फैयाज अहमद मोहम्मद सलाउद्दीन, मुफ्ती परवेज, मुफ्ती अजमल नूरी, मौलाना यासीन, मौलाना साजिद हुसैन हाजी अल्ताफ हुसैन सगीर अहमद नियाजी सरफराज अहमद सहित विभिन्न मस्जिदों के अधिकारी और इमाम ने समाज में फैली बुराइयों को उखाड़ फेंकने के लिए अपना विचार रखा। बुराइयों को खत्म करने के लिए भरपूर सहयोग करने की बात कही।
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