झारखंड जैव विविधता बोर्ड में गैर शासकीय सदस्य बने डॉ. प्रसनजीत मुखर्जी

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पाकुड़। झारखंड जैव विविधता बोर्ड ने डॉ. प्रसनजीत मुखर्जी को गैर शासकीय सदस्यों में शामिल किया है। पूर्व के सदस्यों का तीन साल का कार्यकाल समाप्त होने पर पांच नए गैर शासकीय सदस्यों का मनोनयन किया गया है।केकेएम कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष रहे डॉ. प्रसनजीत मुखर्जी को बोर्ड में जगह दी गई हैं। झारखंड सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। जिसमें पांच नए गैर शासकीय सदस्यों की सूची में डॉ. प्रसनजीत मुखर्जी का नाम शामिल है। झारखंड राज्यपाल के आदेश से सरकार के संयुक्त सचिव राजीव रंजन राय ने अधिसूचना जारी की है। नए सदस्यों का कार्यकाल तीन साल के लिए निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड का गठन जैव विविधता के संरक्षण, उसके अवयवों के पोषणीय उपयोग और जैव संसाधनों तथा ज्ञान के उपयोग से अद्भुत फायदे में उचित हिस्सा बैठाने और उससे संबंधित या उसके अनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए किया जाता है। जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा- 22 के अंतर्गत अधिसूचना संख्या- वन्य प्राणी 03/2005 (खंड) 6550, 20 दिसंबर 2017 के तहत बोर्ड का गठन किया गया था। इसी बोर्ड में पांच गैर शासकीय सदस्यों का भी मनोनयन किया गया था। तीन साल का कार्यकाल संपन्न होने के बाद पांच नए सदस्यों को शामिल किया गया है। डॉ. प्रसनजीत मुखर्जी ने बोर्ड में जगह दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह बहुत ही सौभाग्य की बात है।
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