बोकारो थर्मल में नए टेक्नोलॉजी के आधार पर नए बैटरी स्टोरेज एवं ग्रीन हारड्रोजन प्रोजेक्ट लगाये जायेंगे।
बोकारो थर्मल। बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी पावर प्लांट में डीवीसी के चेयरमैन रामनरेश सिंह सोमवार को अपने सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंचे जहां उन्होंने प्लांट के विभिन्न विभागों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से प्लांट की वर्तमान स्थिति को लेकर पूछताछ करते हुए अन्य जानकारी ली। साथ ही उन्होंने प्लांट की बेहतरी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ततपश्चात डीवीसी के निदेशक भवन में पत्रकारों के साथ बातचीत किये । जहाँ उनके साथ मुख्य रूप डीवीसी के मेंबर सचिव जे मुथैया बोकारो थर्मल डीवीसी के मुख्य अभियंता सह परियोजना प्रधान एनके चौधरी, एस एन प्रसाद अपर निदेशक बिजी होलकर,,उपस्थित थे ।जहाँ दामोदर घाटी निगम के चेयरमैन रामनरेश सिंह ने प्रेस प्रेस वार्ता में पत्रकारों से डीवीसी के संदर्भ में बातचीत करते हुए कहा कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट ने बिजली उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2022- 23 में पुरे देश के केंद्र एवं राज्य के सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में 12 वें स्थान पर रहा। वहीं वर्ष 2023 -24 में बोकारो थर्मल प्लांट एक से पांच वें स्थान के बीच रहे इसके लिए अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में उन्हें मेरे द्वारा टास्क दिया गया। वार्ता में आगे चेयरमैन ने बहुत ही हर्ष के साथ बताया कि जो मैं चाहता कि कोई भी कार्य सभी मिलकर टीमवर्क में हो वो आज लगभग पूरा होते दिख रहे हैं। जिस तरह से प्रोजेक्ट हेड सहित पूरे कार्यरत टीम संगठित ,असंगठित मजदूर एवं अधिकारियों व कर्मचारियों के बेहतर टीम वर्क से बेहतर नतीजे दिख रहे है निश्चित रूप से यहां के लोगो का भविष्य सुनहरा होगा। उन्होंने कहा कि पुराने प्लांट के डिस्मेंटल ( नष्ट ) करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिसमें बैटरी स्टोरेज एवं ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक से करार होकर डीपीआर भी तैयार हो चुका हैं । वार्ता में उन्होंने पत्रकारों को बताया की 3.5 करोड़ की लागत से सभी प्रोजेक्ट में एफजीडी तकनीकी प्लांट 2024 तक लगाने की योजना है जो इसी वर्ष के जुलाई माह में मेजिया एवं अगस्त में बोकारो थर्मल में कमीसीलिंग का प्लान है। एक सवाल के जवाब पर चेयरमैन ने कहा कि पिछले साल पी एल एफ़ 74% प्रतिशत था पर अभी बहुत ही खुशी की बात है इस वित्तीय वर्ष में अभी बढ़कर 80% प्रतिशत पी एल एफ हो गए है क्योंकि हमने ज्यादातर टीम वर्क ,मेंटेनेंस ओएण्डम के ऊपर काफी ध्यान दिया और हमें इसमें सफलता भी मिली। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां बीटीपीएस में जगह नहीं होने के कारण थर्मल प्लांट नहीं पर यहां टेक्नोलॉजी के आधार पर नए बैटरी स्टोरेज एवं ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे जो कि इस विषय पर वर्ल्ड बैंक के साथ सारी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है उन्होंने पत्रकारों को बताया की 3.5 करोड़ की लागत से सभी प्रोजेक्ट में एफजीडी तकनीकी प्लांट 2024 तक लगाने की योजना है जो इसी वर्ष के जुलाई माह में मेजिया एवं अगस्त में बोकारो थर्मल में कमीसीलिंग का प्लान है।।