गरीबी से निकलने के तीन ही रास्ते हैं – शिक्षा, खेती और पूंजी, बिहार में ज्यादातर लोगों के लिए ये तीनों रास्ते बंद हैं: प्रशांत किशोर

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जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण के इशुआपुर में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पूरी दुनिया में गरीबी से निकलने के तीन ही रास्ते हैं। पहला रास्ता है शिक्षा, अगर आपके घर का कोई बच्चा पढ़-लिख लेता है और उसको नौकरी मिल जाती है तो आप अपना जीवन बेहतर बना सकते हैं। मान लीजिए किसी के पास पढ़ाई का अवसर नहीं है तो दूसरा रास्ता है खेती, अगर आपके पास जमीन हो तो खेती करके भी आप अपने जीवन को सुधार सकते हैं। जिसके पास पढ़ाई का कोई जरिया नहीं और न ही उसके पास खेती है, लेकिन उसके पास पूंजी है तो पूंजी से वो कोई दुकान खोल सकता है या कोई व्यापार करके अपनी जिंदगी सुधार सकता है। जब आप ध्यान से देखेंगे तो बिहार में ज्यादातर लोगों के लिए ये तीनों ही रास्ते बंद है।

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