पटना के नौबत पर में हुआ था आयोजन
दस लाख श्रद्धालु टेंट का जगह भी कम पड़ गया
अस्तित्व टीम ने अपना हर संभव से पुरजोर सेवा की
वो तैरते-तैरते भी डूब गए,जिन्हें खुद पर गुमान था ।वो डूबते डूबते भी तर गए,जिन पर तू मेहरबान था।। बिहार में हनुमंत कथा कहने आए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने भव्य स्वागत से गदगद हैं। उनके कथा वाचन में इतनी भीड़ जुटी की तैयारी और सुविधाएं कम पड़ गईं। बाबा के लाखों भक्तों को उनतक पहुंचने का मौका नहीं मिला। अस्तित्व फाउन्डेशन के कार्यकर्ता भारत में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में आपनी सेवा देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। बागेश्वर धाम सरकार के इस भव्य और ऐतिहासिक हनुमंत कथा में अस्तित्व फाउन्डेशन ने भी अपना पुरजोर समर्थन दिया । समाज सेवा में निरंतर प्रयासरत अस्तित्व फाउंडेशन के तरफ से निसूल्क जांच शिविर और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था संस्था के संस्थापक राजू मिश्रा ने बताया कि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल पटना के सहयोग से एंबुलेंस के साथ साथ मेडिकल टीम और डॉक्टर्स की टीम लोगो के द्वार निशुल्क जांच कि गई है वही अखंड नेत्रालय से अमित कुमार ने जानकारी दी की वही नेत्र का भी निशुल्क जांच किया गया धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा नौबतपुर के तरेत मठ में 13 से 17 मई तक होने वाले हनुमंत कथा आयोजन मे प्रतिदिन तीन लाख से ज्यादा लोगो के पहुंचने का अनुमान था लेकिन ये संख्या बढ़ के दस लाख लोगो तक पहुंच गया लेकिन ये भीड़ बढ़कर दस लाख लोगों की हो गई थी इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई भी परेशानी नहीं हो इसके लिए हर अस्तित्व फाउंडेशन की टीम के द्वारा संभव प्रयास किया गया था वही दूसरे तरफ किसी भी शरदालू को आने जाने में कोई तकलीफ ना हो उसके लिए अस्तित्व के द्वारा बस भी चलाया गया था हनुमंत कथा के लिए तीन लाख वर्गफिट में पंडाल बनाया गया था लेकिन भक्तो के भाव के पीछे ये पंडाल भी छोटा पड़ गया वहीं, गाडियों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 15 लख वर्ग फिट में पार्किंग त्यार किया गया था आयोजक समिति ने बताया की गर्मी को देखते हुए पंडाल में कूलर, पंखा की व्यवस्था की गई थी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा की व्यवस्था की गई थी जिसमे प्रतिदिन पांच से छः लाख लोगो ने प्रसाद ग्रहण किए। लगभग 40 काउंटर से श्रद्धालुओं के लिए प्रशाद का वितरण किया गया था। वही अस्तित्व से राजू मिश्रा ने बताया कि आज बिहार मेडिकल हब बनता जा रहा है पड़ोसी राज्य समेत पड़ोसी देश के लोग यहां इलाज कराने आते हैं और अस्तित्व के साथ ये सारे मेडिकल टीम जमीनी स्तर पे हर संभव लोगों की मदद कर रहे और सारे डॉक्टर द्वारा काफी लोगों की मदद की जा रही है, आज उन लोगों असहाय मरीजों का निशुल्क इलाज करते है, ये सारे निस्वार्थ सेवा के लिए ही डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है और हमें यह बताते हुए गर्व है कि बिहार के प्रतिभावान डॉक्टर अस्तित्व के साथ जुड़ के हर जगह अपनी सेवा दे रहे बिहार राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं वही दूसरे तरफ कृति दुबे ने बताया कि साथ ही बिहार में बसे प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा लगातार अपने काम के अलावा निशुल्क इलाज और समय-समय पर लोगों को जागरूक भी करते आ रहे है है जिससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं! चिकित्सकों द्वारा किए गए व्यापक कार्य एवं सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दि. और भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तरेत पाली मठ में मुफ़्त मेडिकल कैंप लगाया ताकि कथा के दौरान किसी को भी स्वस्थ संबंधित कोई परेशानी हो तो उन्हें कोई दिक्कत ना सहनी पड़े अथवा वे इस मेडिकल कैंप का सहयोग लेते हुए हनुमंत कथा का पूरा लाभ उठा सकें। बागेश्वर धाम सरकार ने लोगों से अपील है कि आज एक संकल्प लेकर घर जाना है। जिस दिन इस बिहार के 13 करोड़ में से 5 करोड़ लोग ही अपने मस्तक पर तिलक लगाकर घर से निकलेंगे, उस दिन हिन्दू राष्ट्र का संकल्प पूरा हो जाएगा। जाते जाते उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इससे पहले तरेट पाली मठ में हनुमत कथा के समापन के बाद बाबा बागेश्वर ने बिहार की जनता से फिर आने का वादा किया। उन्होंने कहा की बिहारी मेरी आत्मा है, और जब तक प्राण रहेंगे तब तक मैं बिहार आता रहूंगा।