मेहरमा। सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना से कई ऐसे परिवार आज भी वंचित हैं, जिन्हें आवास की बेहद ही जरूरत है। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य है बेघर परिवारों को घर देना। योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। जिसका एक ही उद्देश्य था बेघर परिवार को घर हो। लेकिन मेहरमा प्रखंड के धनकुड़िया पंचायत अंतर्गत भैरोनगर गांव का एक परिवार पिछले 20 सालों से तिरपाल के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। परिवार को सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नही मिल पाया है। लगभग 20 वर्ष पहले भैरोनगर गांव निवासी रानी देवी पति निरो ने अपने सिर को छुपाने के लिए अपने बच्चों के साथ मिलकर एक तिरपाल डालकर झोपड़ी तैयार किया है। अपने बच्चों के साथ उसी झोपड़ी के नीचे रह रहे है। लेकिन अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़िता रानी देवी को तीन पुत्री एवं दो पुत्र है। रानी देवी ने अपनी एक पुत्री की शादी कर ली है। पीड़िता ने मीडिया को बताया कि घर नहीं होने के कारण बेटों के लिए रिश्ते भी नहीं आते हैं। रिश्ते लेकर आने वाले मेहमान भी घर देखकर लौट जाते हैं। जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर त्रिपाल की झोपड़ी में परिवार जीवन यापन कर रहे हैं। उस रास्ते से होकर प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधि के साथ-साथ सरकार के तमाम अधिकारी गुजरते हैं।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/z65i