बोले- मात्र 20 से 25 मिनट सप्लाई नहीं आती, सप्ताह में एक दिन कट से लोग पानी को तरसे, लो प्रेसर ने और बढ़ाई समस्या
हरियाणा/(वासु के मेहता हरियाणा पॉलिटिकल ब्यूरो प्रमुख):। स्वच्छ जल हर नागरिक तक पहुंचाने के सरकार के दावे पूरी तरह से खोखले हैं। कालका शहर में ऐसे कई क्षेत्र है जहां पर मात्र 20 से 25 मिनट पानी की सप्लाई आती है। हैरानी की बात यह है कि उसमें भी एक सप्ताह के भीतर एक दिन पानी का पूरा कट लगाया जाता है। ऐसे में लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। कालका में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार गंभीर नहीं है। बीते वर्ष संक्रमण की वजह से इतने लोगों की जान चली गई। क्योंकि लोग जो भी नाममात्र वाटर सप्लाई लोगों को मिल रही है। उसे स्टोर करने को मजबूर हैं। ऐसे में मच्छरों के लारवा से गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। कालका शहर के आसपास हिमाचल का इंडस्ट्रीज एरिया है जहां से बड़ी संख्या में लोग किराए पर भी रह रहे हैं। नाममात्र पेयजल सप्लाई से तो मकान मालिक की ही जरूरत का पानी पूरा नहीं होता है ऐसे में किरायेदारों को भी पीने के पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इसी प्रकार से पिंजौर के पुराना इलाका है। वहां पर पीने के पानी की कुईयां होती थी। जो सीवरेज के गंदे पानी से दूषित हो गई और ऐसे में लोगों को पीने के पानी की समस्या आ रही है। जो नया पिंजौर का नया एरिया डेवलप हुआ है। वहां पर भी लोग ज्यादातर वाटर टैंकरों के ऊपर निर्भर हैं और अपनी जेब से मोटा पैसा खर्च करके पीने के पानी की सप्लाई लेने को मजबूर हैं। विधानसभा में भी बार-बार पीने के पानी की समस्या को उठाया। लेकिन सरकार कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसके अलावा लो प्रेसर की भी काफी समस्या आ रही है। जिसके कारण लोगों को जो सप्लाई मिलती है। वो भी उन तक नही पहुंच पाती है।
विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा की गांवों पेयजल नलकूपों पर मोटर खराब होने पर उसे कॉन्ट्रैक्ट गाइडलाइन के मुताबिक तुरंत नहीं बदला जाता है। जिसकी वजह से लोगों को 3-3 पानी नसीब नही होता है। इसलिए जल आपूर्ति विभाग हेड क्वार्टर पर 10 से 12 मोटरों की व्यवस्था करे। कहीं नलकूपों के ऊपर पानी की मोटर कैपेसिटी के अनुसार नहीं बनाई जाती। जिसकी वजह से वो जल्दी खराब हो जाती है।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/5flb