बीजीआर और डीबीएल के रोड पेट्रोलिंग इंचार्ज रंजन मरांडी के साथ ग्रामीणों ने की मारपीट, उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त
पाकुड़ I जिले के अमड़ापाड़ा क्षेत्र के पचुवाड़ा रांगाटोला स्कूल के पास हाईवा के चपेट में आने से रांगा टोला निवासी 42 वर्षीय धनुआ तुरी की मौत घटना स्थल हो गया. धनुआ तुरी ने तडप तड़प कर दम तोड़ दिया. धनुआ तुरी की मौत होने के बाद उग्र ग्रामीणों ने आधा दर्जन हाईवा का शीशा को तोड़ा, पुलिस की पीसीआर वैन में ग्रामीणों ने पथराव किया और घटना स्थल पर पहुंचे बीजीआर और डीबीएल के रोड पेट्रोलिंग इंचार्ज रंजन मरांडी के साथ ग्रामीणों ने मारपीट किया साथ ही उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया की धनुआ तुरी की पत्नी की मौत चार साल पहले हो चुका है। आज धनुआ तुरी की मौत हो गया. उनके मौत के बाद उनका पांच बच्चा अनाथ हो गया। मिली जानकारी के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार जेएच 18 एम 4406 नम्बर की हाईवा ने तेज गति आ कर धनुआ तुरी को ओवरटेक के कारण मौत हुआ। धनुआ तुरी के मौत के बाद महिला पुरुष ग्रामीण उग्र हो हाईवा का रोक कर पत्थर मारकर शीशा तोड़ दिया। महिला पुरुष इतना उग्र हो गया कि किसी की बात हो समझ मे नहीं आ रहा है। ग्रामीणों को समझाने बुझाने के लिए पहुँची रंजन मरांडी के साथ धक्का मुक्की कर मार पीट किया। ततपश्चात पुलिस घटना स्थल पर आते देख उग्र महिला पुरुष ने पुलिस की पीसीआर वैन पर पथराव शुरू किया। जिसमें पीसीआर के बाया साइड का शीशा टूट गया। पीसीआर वैन में मौजूद सिपाही हल्का जख्मी हो गया। उगे महिला पुरुष ने पत्रकारों को फोटो और वीडियो लेने से रोका। कहा कि जो कोई फोटो लेगा उसका मोबाईल तोड़ कर जान से मार देंगे की धमकी दिया। ग्रामीण कुछ मानने को तैयार नहीं है। मृतक धनुआ तुरी की शव को सड़क के बीचो-बीच रखकर सड़क जाम कर दिया है। इस घटना की सूचना एसपी और डीसी को दिया गया। एसपी और डीसी के निर्देश पर एसडीपीओ नवनीत हेम्ब्रम, बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी, के आलावें महेशपुर, लिट्टीपाड़ा थाना के अधिकारी और जवान ग्रामीणों के साथ वार्ता करने पहुंचे. एसडीपीओ नवनीत हेम्ब्रम और बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी ने बीजीआर और डीबीएल कोल कंपनी के अधिकारी से कड़े लहजे में कहा की घटना स्थल पर तुंरत पहुंचे और ग्रामीणों के साथ वार्ता करें. तत्पश्चात बीजीआर के अधिकारी मधु रेड्डी, और डीबीएल के अधिकारी संजय दास जाम स्थल पहुँच कर ग्रामीणों से वार्ता किया. ग्रामीणों ने कंपनी और स्थानीय प्रशासन के समक्ष कहा की मृतक के पांच बच्चा है जिसमें दो लड़का और तीन लडकी है. राजकुमार तुरी, ओमकुमार तुरी, कजली कुमारी (लकवाग्रस्त), सरिता कुमारी और रीता कुमारी है. राजकुमार तुरी 18 साल का है ओमकुमार तुरी 15 साल है. ग्रामीणों ने डीबीएल और बीजीआर कोल कंपनी के समक्ष कहा मृतक के आश्रित को 12 लाख रुपया मुआवजा, दाह संस्कार के लिए खर्च के आलावें मृतक के दोनों बेटे का दोनों कोल कंपनी में नॉकरी दिया जाय, दो पुत्री को पढ़ाई लिखाई का खर्च और शादी के समय पूरा खर्च देना होगा और मृतक के ल्क्वाग्रसित पुत्री कजली कुमारी को इलाज का सारा खर्च का जिम्मा लेना होगा. ग्रामीणों को कंपनी के अधिकारी ने कहा की 3 लाख पचास हजार के अलावें कुछ देने के लिए राजी नहीं है.
डीबीएल व बीजीआर कोल कंपनी के प्रतिनिधि घटना स्थल पर कैम्प कर आक्रोषित ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि खबर भेजे जाने तक ग्रामीण धनुआ के शव के साथ घटना स्थल पर ही डंटे हुए हैं। प्रशासनिक और कंपनी के अधिकारियों की कोशिशों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।