बेघर वृद्ध दलित महाबीर ने लगाई सरकार से मदद कि गुहार

5

ईचाक I  थाना छेत्र के मंगूरा गाँव मे एक वृद्ध दंपत्ति की रुला देने वाला दर्द ब्यान करते ही आँखों मे आंसु आ जाती है  मंगूरा मे 50 वर्षों से अधिक समय से रह रहे महाबीर भुईयां(85 वर्ष)  पिता  बिष्णु भुईयां और उनका पूरा परिवार, परिवार मे उनकी वृद्ध पत्नी पोखनी देवी (80 वर्ष) तथा उनके पुत्र भीम भुईयां(38 वर्ष) और पत्नी सकुन देवी (35 वर्ष)के 4 बच्चे रह रहे हैं। महाबीर  भईयां अपने जावनी दिनों मे मंगूरा गाँव के वर्तमान बिरु मेहता के पूर्वजों (जुगल महतो) की बंधुआ मजदूरी करने  मे निकल गई ,.उस वक्त  उन्हें रहने और घर बनाने के  लिए दान मे जमीन  दी गयी थी जहां वे अपने परिवार संग जीवन जी रहे थे, स्थिति तब खराब हों गयी जब घर का कमाऊ सदस्य पुत्र  भीम  को दो वर्ष  पूर्व अचानक लकवा मार गया ,पिछले तीन  माह पुर्व करियातपुर- झुमरा मार्ग का चौड़ीकरण के दौरान पूरा घर टूट गया और महाबीर भुईयां का पूरा परिवार सड़क पर आ गया,   जानकारी के के अनुसार उन्हें पीएम आवास योजना के तहत बेटे भीम और महाबीर दोनों को आवास आवंटित हुई पर निजी जमीन न होने के कारण आज काफी मुस्किल के बाद दान दी गई जमीन  पर एक घर का नीव  रख सके, जबकि दूसरा अभी तक जमीन ना होने के कारण लंबित हैं । ग्रामीणों ने आश्रय के लिए गाँव मे बना अंबेडकर भवन में जगह  दी  । मंगूरा के कई लोंगो ने बिरू मेहता से महाबीर भुईयां के लिए जमीन की मांग की ,  काफी-कुछ समझाने के बाद  जमीन  दान मे दिया, तब  जा के कहीं घर कि शुरूआत  हो पायी। अब अंतिम सहरा व उम्मीद सरकार और सरकार के आला अधिकारियों पर महाबीर भुईयां की है, वे आशा लगाए हुए है की कहीं से कोई उम्मीद मिले ताकि उनका घर बन जाय। सवाल यही खत्म नही होती महाबीर भुईयां के परिवार में अब एक मात्र कमाऊ सदस्य के रूप मे उनकी पुत्र वधु  सकुन देवी ही बच गयी है ,वधु दैनिक मजदूरी कर पूरे परिवार का पेट भरती है। .वधु के ऐक बेटी हांथ  से विकलांग  है। सकुन देवी के पास दुविधा ये हैं की वो अपने पति का इलाज कैसे करे बच्चौं को  शिक्षा कैसे दे और परिवार के लिए रोटी कैसे कमाये। न तो उनके सास ससुर को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिलता है ना और कोई सरकारी सहायता।

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/13z1

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *