दबंगों से अपनी जमीन को मुक्त कराने के लिए पति-पत्नी बैठे आमरण अनशन पर

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दुमका I अपनी ही जमीन को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए 5 दिन से परेशान संतोष भदौरिया अपनी पत्नी वार्ड पार्षद सीमा के साथ गिलानपाड़ा स्थित मंदिर परिसर में मंगलवार को आमरण अनशन पर बैठ गया। संतोष ने बताया कि वर्ष 1990 में उनके दादा को रैयत सुधीर चंद्र खां ने दान पत्र के माध्यम से जमीन दी थी। तब से जमीन का उपयोग करते आ रहा है मार्च 2021 में सुधीर के बेटे मानिक खां ने प्रमोद चंद्र मोदी व अन्य लोगों के साथ मिलकर बना हुआ घर गिरा दिया। लूटपाट और मारपीट की। बताया कि उनकी जमीन को अरुण कुमार व मानिक खां ने प्रमोद चंद के नाम कर दी दान की जमीन को बिना दादा की अनुमति के कैसे भेज दिया गया इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी के यहां मामला दर्ज कराया गया। न्यायालय से उनके विरुद्ध निर्णय आया। इस निर्णय को उपायुक्त के न्यायालय में चुनौती दी गई। 11 अप्रैल को दोनों पक्ष को हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा गया है। इसके बाद भी दबंग जमीन पर कब्जा कर रहे हैं नाजायज तरीके से सामान को हटाया जा रहा है। कहा कि जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आता तब तक जमीन वह सामान पर उनका हक है इसके बाद भी सामान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करता है तब तक आमरण अनशन से नही हटेंगे। अगर इसके  लिए जान भी चली जाती है तो वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। संतोष ने आमरण अनशन पर बैठने की सुचना, उपायुक्त ,एसपी  व नगर थाना प्रभारी को दी है  उधर दूसरे पक्ष के अरुण खां का कहना है कि जमीन पर उनका का मालिकाना हक है अरुण खान ने कहा कि एसडीओ कोर्ट से पक्ष  में फैसला आया  है।नगर थाना की पुलिस ने संतोष से स्टे ऑर्डर की कॉपी मांगी थी लेकिन वह दिखा नहीं पाए उनके जमीन पर कब्जा करने के लिए अब तक सब नाटक  रच रहा है 11 अप्रैल को अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।

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