कई जोन में किये जाते हैं कोयले की ढुलाई
हजारीबाग बड़कागांव प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों कोयले का अवैध कारोबार जोरों पर है. जहां एक ओर हर दिन सरकार का लाखों रुपए का राजस्व क्षति हो रही है ,वहीं कोयले माफिया मालामाल हो रहे हैं। वन क्षेत्र को भी नुकसान हो रहा है। हालांकि कभी -कभार वन विभाग एवं थाना के पुलिस द्वारा कोयले से लदे वाहनों को जब्त की जाती है .पर कोयले का कारोबार रुक नाम नही ले रहा है. बड़कागांव एवं उरीमारी क्षेत्र में अवैध रूप से कोयला खदान मुख्य रूप से तिलैया लूंरगा ,चानो ,रिकवा कुरहा, खपिया, इंदिरा, पसरिया, मलडीह घाटी, कुंदरू, पलान्डु,पोटंगा, सीसीएल क्षेत्र, गोंडलपुरा, अम्बा झरना, राउत पारा, भेलवा, टोंगरी,गोबदातरी,रुद्दी, कर्मा टांड लकुरा एनटीपीसी क्षेत्र के चेपकलां समेत अन्य स्थानों में अवैध तरीके से कोयले का खदान चलाया जा रहा है। इन क्षेत्रों में 100 से ज्यादा अवैध रूप से कोयला खदान संचालित हो रहे हैं. कई खदान सुरंग नुमा गुफा का रूप ले लिया है, तो कई खदान अत्यंत जर्जर होने चली है ।इसके बावजूद भी कोयले काटने वाले मजदूर जान पर हथेली रखके कोयले काटते हैं. इन खदानों में कभी भी बड़ी घटना घट सकती है. जिससे एक साथ दर्जनों लोगों की जान जा सकती है। इन खदानों पर प्रशासन द्वारा नियंत्रण करने की आवश्यकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन खदानों से चरही हड़कुप, कुंडील बागी एवं बिहार उत्तर प्रदेश के मंडियों में बेचा जाता है।
कोयले की ढुलाई कई जोन में किए जाता है।
अवैध कोयले की खदानों से अवैध तरीके से कोयले की ढुलाई कई जोन में किया जाता है. पहला बादम रोड से होते हुए मोतराघाटी से ट्रैक्टर से अवैध कोयला निकाला जाता है. दूसरा रोड सेहदा तिलैया होते हुए चरही के बासाडीह हड़कुप व बिहार के मंडी में भेजा जाता है .तीसरा रोड -इंदिरा ,पसरिया, चानो रोड होते हुए ट्रैक्टर व ट्रक से बिहार व उत्तर प्रदेश के मंडी में भेजा जाता है .चौथा रोड – चेलंग दाग, हेन्देगीर रोड से भेजा जाता है। कुंदरू से अवैध कोयला लेकर हेन्डेगीर के आसपास जंगलों से डंप करके कोयला बिहार व उत्तर प्रदेश के मंडल तक भेजे जाने की सूचना है। कभी कभार बड़कागांव रोड होते हुए हजारीबाग शहर होते हुए बिहार व उत्तर प्रदेश के मंडी में भेजा जाता है। इस दौरान कई बेरोजगार युवकों को भी इस कारोबारी में संलिप्त पाया जाता है .इन युवकों का काम रोड से कोयले के वाहन को निकालना रहता है. बदले में इन्हें 1000 ₹500 मिल जाते हैं।
क्या कहना है प्रभारी रेंजर का
वन विभाग के प्रभारी रेंजर अखिलेश सिंह का कहना है कि वन क्षेत्र में हो रहे अवैध कोयले का कारोबार के विरुद्ध छापामारी अभियान जारी है .कोशिश की जा रही है इसे रोकने में. 11 अप्रैल को वन विभाग द्वारा अवैध कोयला लदे दो वाहनों को जब्त की गई थी ।