डुमरी। झामुमो के कद्दावर नेता सह डुमरी विधानसभा से लगातार 4 बार प्रतिनिधित्व करने वाले झारखंड के वर्तमान शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आकस्मिक निधन की खबर जैसे ही गुरूवार को क्षेत्र के लोगों को मिली, वैसे ही लोगों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।लोगों को सहसा विश्वास ही नहीं हो रहा था कि शिक्षा मंत्री सह विधानसभा क्षेत्र में जन जन के नेता अब हमारे बीच नहीं रहे।विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों द्वारा शोक व्यक्त किया जाने लगा।वहीं सरकार द्वारा दो दिवसीय राजकीय शोक व एक दिन अवकाश की घोषणा के आलोक में सभी सरकारी कार्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी कर दिया गया। इधर डुमरी अनुमंडल अधिवक्ता संघ से जुड़े अधिवक्ताओं ने शोक व्यक्त कर अपने कार्य को बंद कर दिया।बात दिवंगत मंत्री के व्यक्तित्व की करें तो सभी दलों के नेताओं से उनका व्यक्तिगत मधुर संबंध था।जगरनाथ महतो की राजनीतिक शुरूआत अपने छात्र जीवन से की थी जो आगे बढ़ता ही गया।दिवंगत जगरनाथ महतो लगातार 2005 से अब तक डुमरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते रहे।दिवंगत जगरनाथ महतो झामुमो कार्यकर्ता के रूप में गरीबों के हक अधिकार एवं महाजनी प्रथा के खिलाफ लडाई लड़़ कर बीआरएल कम्पनी के ईंट फैक्ट्री में मजदूरों के हक व अधिकार के लिए संघर्ष किया था। साथ ही बिनोद बिहारी महतो,शिबु सोरेन व शिबा महतो के नेतृत्व में हुए कई आंदोलनो में शामिल हुए थे।झारखंड के प्रखर आंदोलनकारी,सर्वप्रिय जननेता, शिक्षाप्रेमी और हर दिल अजीज जगरनाथ महतो स्वयं कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लड़ाई लड़ते रहे।आज भले ही वे मौत से हार गए लेकिन वे हमेशा जिन्दा थे,हमेशा लोगों के दिलों में जिन्दा ही रहेंगे। वह राज्य की जनता की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे।इधर घटना के बाद झामुमो डुमरी प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो, बीस सूत्री अध्यक्ष डेगलाल महतो,बरकत अली,राजकुमार पांडेय,डेगनारायण महतो,कैलाश चौधरी,भोला सिंह,राकेश महतो,उपेन्द्र महतो,पंकज महतो,राजकुमार मेहता,प्रयाग गोप आदि सैकड़ों कार्यकर्ता शोक संतप्त हैं।
झारखंड के प्रखर आंदोलनकारी,सर्वप्रिय जननेता,शिक्षाप्रेमी व हरदिल अजीज थे जगरनाथ महतो
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/cmko