झामुमो ने मनाया 44 वां स्थापना दिवस: झारखंड की माटी एवं दुख दर्द को पहचानते हैं हेमंत सोरेन– मंत्री चंपई सोरेन

हजारों बंद विद्यालय को खोलने एवं शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए 1932 का खतियान लागू करेगी झारखंड सरकार - मंत्री चंपई सोरेन

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हजारीबाग  I हजारीबाग के सत कोलंबस ग्राउंड मैदान में 4 अप्रैल मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा 44 वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाई गई। जिसमें सवा 3 साल में झारखंड सरकार एवं मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन के उपलब्धियों की चर्चा जमकर किया गया । वही विपक्ष में भारतीय जनता पार्टी एवं आजसू की खुलकर सभी कार्यकर्ताओं द्वारा आलोचना किया गया। जिसमें मुख्य रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष ढिशुम गुरु शिबू सोरेन के दिशानिर्देशों के जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन की द्वारा किए गए कार्यों की गिनतियां किया गया। जिसमें झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार 1985 तो कभी 1932 की खतियान को लेकर झारखंडी जनता को ठगने एवं मूर्ख बनाने की काम कर रही है। जनता यह जान चुकी है ,कि भाजपा वाले चित एवं पट दोनों का लाभ उठाते हुए झारखंडीयों की हक और भविष्य को छीनने का काम कर रहे हैं। इससे झारखंडी जनता सजग हो चुकी है। वही झारखंड एवं बिहार एकीकृत सरकार द्वारा जो नए विद्यालय खोले गए थे। उसे भाजपा की सरकार ने बंद कर झारखंड का शिक्षा को पिच्छडाने काम किया है। जो भी उत्क्रमित विद्यालय का निर्माण किया गया था। उसे भाजपाई सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। जिसे झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार एवं हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार सभी बंद विद्यालयों को पूनः चालू कर शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत की जाएगी।  झारखंड के जंगल झाड़ से पढ़कर विद्यार्थियों को विदेश में भेजने की भी व्यवस्था हेमंत सोरेन की सरकार ने की है। जल जंगल और जमीन को बचाने को लेकर भी झारखंड सरकार कृत संकल्प है। इसके साथ ही खनिज संपदा को लूटने के लिए बाहरी को मौका नहीं दिया जाएगा। पूर्व की सरकार ने हाथी उड़ा कर आम जनता को दिखा दिया। बांध में चूहे की बिल बनाकर बांध को तोड़ने का काम किया। मौके पर झामुमो के केंद्रीय सचिव विनोद पांडे, केंद्रीय सचिव सह मंत्री फागु बेसरा, जिला अध्यक्ष शंभुलाल यादव,रामगढ़ जिला अध्यक्ष विनोद किस्कु,राजकिशोर महतो, संजीव बेदिया, कमलनयन सिंह, इजहार अंसारी, मनोहर राम, संजय गुप्ता, दीपक राय, बालेश्वर प्रसाद, अब्दुल्ला खान, राकेश मिश्रा, नौशाद आलम ,सरजू मेहता, नईम राही, निसार अहमद, मोहम्मद खलील, रामचंद्र महतो, दिगंबर मेहता, गंगेश्वर मेहता, मिहिलाल मांझी, , दीप नारायण महतो, रामकिशोर मुर्मू ,सुनील ठाकुर, पिंकी बेसरा, आशा देवी, तारा यादव सहित कई गणमान्य नेताओं ने सभा को संबोधित करने का काम किया। जिसमें हजारों महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता भी शामिल थे।

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