नारायणपुर प्रखंड के मंझलाडीह पंचायत के योजनाओं खानापूर्ति का शीलशिला जोरों शोरों पर

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जामताड़ा I  नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के मंझलाडीह पंचायत के बांसपहाड़ी में एक चापाकाल से नली का निर्माण किया जा रहा है। परंतु उक्त नली का निर्माण किस मद से किया जा रहा इस बात से लोग अब तक अंजान है क्योंकि उक्त स्थान पर योजना बोर्ड का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है। हालांकि यह कोई नई बात नहीं है कि पीसीसी सड़क ,नाली, तालाब ,डोभा आदि योजनाएं चलाई जा रही हो और उक्त योजना का सूचना बोर्ड बनाकर योजना संख्या मजदूरी दर एवं किस मद से योजना का भुगतान किया जा रहा है। बताते चलें कि नारायणपुर प्रखंड मुख्यालय से मंझलाडीह पंचायत की दूरी एवं सुदूरवर्ती इलाका होने के कारण यहां अधिकारी बहुत कम ही पहुंचते हैं जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार लोगों की आंखों में धूल झोंक कर खानापूर्ति करने का काम करते हैं। लोगों को योजना की जानकारी नहीं हो इसलिए कार्य का शुरुआत करने से पहले बोर्ड का निर्माण नहीं करते हैं और अंतिम में बोर्ड बनाकर फाइनल दिखा देते हैं। तो वही बोर्ड में जैसे तैसे बोर्ड बनाकर खुद रंग से योजना संख्या एवं प्रकलित राशि आदि लिख देते है। जिसके कुछ दिनों बाद मौका देख बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर देते हैं ताकि योजना का दुर्गति हो तो किसी का ध्यान इस ओर आकर्षित ना हो। वही बासपाहड़ी गांव आदिवासी इलाका होने के कारण कुछ बुद्धिजीवी ठिकेदार इसका फायदा उठाते हुए आदिवासी लोगों को बहला-फुसलाकर उनसे कागजात ले लेते हैं और उनकी जमीन पर बड़ी-बड़ी योजनाएं लेकर ठेकेदारी मैं लग जाते हैं और उन्हें बदले में गड्ढे नसीब होते हैं। वहीं उक्त गांव का निरीक्षण किया जाए तो चारों तरफ बड़ी-बड़ी सिंचाई नालियों का निर्माण जहां-तहां कराए गए हैं जो बिल्कुल अनावश्यक हैं जिनका आज तक उपयोग नहीं हुआ है परंतु ठेकेदार अपने जेबे भरने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं और इन्हें किसी भी अधिकारी का भी डर नहीं है।

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