पाकुड़ जिले के स्थानीय लोगों मंत्री, सांसद एवं विधायक से मिले

ज्ञापन सौंप कर डीबीएल कंपनी के रवैये से कराया अवगत

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पाकुड़। पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा के पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक के एमडीओ डीबीएल कंपनी के विरुद्ध सिंगल वेंडर को ले कर स्थानीय ट्रांसपोर्टर आक्रोशित हैं ओर यह आक्रोश लगातार बढ़ती जा रही है, ओर कंपनी सिंगल वेंडर को लेकर अपने बात पर अड़ी हुई है। इस क्रम में सेंट्रल कोल ब्लॉक लगातार 9 दिनों से बंद है जिससे स्थानीय लोगों के अलावे सरकार को भी करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी को लेकर जिले के वेंडरों का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, राजमहल सांसद बिजय हांसदा एवं लिट्टीपाड़ा विधायक दिनेश विलियम मरांडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा एवं डीबीएल कंपनी के रवैये से अवगत कराया। वेंडरों द्वारा दिए गए ज्ञापन में डीबीएल कंपनी ने वादा खिलाफी करते हुए लोकल वेंडरों से झूठे वादे किए और बीते 2 दिसंबर 18 दिनों तक कोयले की ढुलाई कराई गई एवं 78 ट्रांसपोर्टरों को लंबित बकाया भुगतान 15 दिसंबर तक एकमुश्त कर दिया जब लोकल वेंडर कंपनी से किए जा रहे कार्य का वर्क ऑर्डर मांगने लगे तब डीबीएल कंपनी ने धनबाद के जय माँ तारा कंपनी का कायार्देश लेने का दबाव बनाने लगी। जबकि कार्य शुरू करने से पूर्व अधिकारियों द्वारा यह वादा किया गया था कि स्थानीय लोगों को ही वर्क ऑर्डर दिया जाएगा। कंपनी के इसी वादा खिलाफी के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। वेंडर्स कभी मशाल जुलूस, जन आक्रोश रैली निकालकर अपना विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं। साथ ही नेताओं तथा अधिकारियों के समक्ष न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

डीबीएल कंपनी ने स्थानीय वेंडरों से वादा करने वाले अधिकारियों को हटाया

अमड़ापाड़ा में मौजूद डीबीएल कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट धनजंय झा एवं प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र झा ने स्थानीय वेंडरों व जिला प्रशासन के समक्ष स्थानीयता को प्राथमिकता देने का वादा किया था। धनंजय झा के अनुसार उन्होंने अपने सीनियर अधिकारी के आदेश पर ही स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का वादा किया था। उक्त दोनों अधिकारी जब कंपनी पॉलिसी के विरुद्ध स्थानीय लोगों का साथ दिया तब उक्त दोनों अधिकारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

मंत्री एवं विधायक ने कहा केवल स्थानीय लोगों को मिले प्राथमिकता

सूबे के मंत्री आलमगीर आलम व लिट्टीपाड़ा विधायक दिनेश मरांडी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कि सी भी कंपनी को सबसे पहले स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देनी होगी । यदि स्थानीय लोग उस कार्य को करने में सक्षम नहीं हैं तभी बाहरी लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सिंगल वेंडर के सवाल पर नेताओं ने कहा कि पाकुड़ जिला में पूर्व में भी पैनेम कोल कंपनी तथा वर्तमान में बीजीआर कोल कंपनी ने स्थानीयता को प्राथमिकता देते हुए जिले के लोगों को रोजगार मुहैया कराया है। उसी तर्ज पर डीबीएल कंपनी को भी स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा अन्यथा कंपनी बंद रहेगी ।
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