बोकारो I पूर्व कांग्रेस प्रदेश सचिव साधु शरण गोप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मोदी ने देश की जरूरत के लिए नहीं ,बल्कि अपना नाम नए नोट के साथ एतिहासिक बनाने के लिए नोट बंदी किया था। दो हजार का नोट बंदी ने सच्चाई उजागर कर दिया है। मोदी की इस गलती के कारण देश को बड़ी रकम चुकानी पड़ी है। साथ साथ लोगों ने जान भी गंवाई है। आरबीआई ने लगभग चार रुपए की लागत से तीन सौ सत्तर करोड़ की संख्या में दो हजार के नोट की छपाई की है। इस गलती के लिए देश के आवाम से माफी मांगने चाहिए। साधु शरण गोप ने कहा कि कांग्रेस की शासन में हुई भ्रष्टाचार को खत्म करने के नाम पर मोदी ने नोट बंदी किया। अब अपने शासन में हो रही भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मोदी ने दो हजार नोट की बंदी की है। जनता इसे जल्द समझे नोशिखिए के हाथ में देश है।