दो बच्चों के साथ आत्महत्या की माँ

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मोतिहारी। कहावत है कि मां की ह्रदय एक अनमोल सी होती है फिर भी मां कुमति के संगी नहीं हो सकती है कि मां इस दुनिया में अनमोल होती है, वह मरते दम तक अपने बच्चो को नहीं छोड़ती है, चाहे कुछ भी हो जाए, परंतु पूर्वी चंपारण के सुगौली से होकर बहने वाली सिकरहना नदी के पुल पर अचानक एक महिला पहुंची और अपने दो बच्चों के साथ नदी में छलांग लगा दी, तब तक लोगों ने देख लिए, बच्चा को तो लोगों ने बचा लिया, परंतु मां कहीं नदी की गहराई में चली गई और उसकी मृत्यु हो गई हो। उसके बाद बच्चे को देख सबके दिलों में दर्द और आंखों में आंसू आ गए। बच्चे फूट-फूट कर रो रहे थे। अब तक उनकी पहचान नही हुई थी। अब सवाल उठता है कि आखिर उस महिला ने ऐसा क्यों किया, ये उसकी आत्महत्या के पीछे क्या कारण है, कौन से लोग इसके कुसुरवार हैं, अब ये तो पहचान होने के पश्चात पुलिस जांच का विषय है।

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