आत्मनिर्भर प्रणाली बनाने में एमओयू होगा सहायकः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र(दलबीर मलिक) हरियाणा के सबसे पुराने विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उद्यमिता, स्टार्ट-अप और अभिनव गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) जो कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी रुसा प्रोजेक्ट सोसाइटी (केयूआरपीएस) का एक घटक है तथा  फ्रैशिली 19 एग्री टेक प्राइवेट लिमिटेड एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीच कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में सोमवार को त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
इस मौके पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने बधाई देते हुए कहा कि उद्योग-शिक्षा नवाचार आधारित संबंध न केवल आत्मनिर्भर भारत के सपने को प्राप्त करने के लिए व आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। देश के शीर्ष नेतृत्व देश के प्रधान मंत्री द्वारा देश के युवाओं के लिए ही नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सफलता प्राप्त करने के लिए इस तरह की पहल से अन्य स्टार्ट-अप के लिए सौहार्दपूर्ण और सौहार्दपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अल्मा-मेटर्स, छात्रों और संकायों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा  कि इस तरह के समझौते से निश्चित रूप से भविष्य में हम एक आत्मनिर्भर प्रणाली बनाने में सहायक होंगे जो पेटेंट रॉयल्टी और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण शुल्क के रूप में अतिरिक्त आय अर्जित करने में सफल होंगे और साथ ही साथ नए रोजगार का सृजन करने में सक्षम होंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से समझौते पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी रुसा प्रोजेक्ट सोसाइटी की ओर से  रूसा  के नोडल अधिकारी प्रो. प्रदीप कुमार और फ्रैशिली 19 एग्री टेक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अमन ने हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि यह समझौता निश्चित रूप से नवाचार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण तथा ऊष्मायन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। प्रो. प्रदीप कुमार, नोडल अधिकारी रूसा ने यूनिवर्सिटी के दूसरे स्टार्ट-अप के रूप में इनक्यूबेट होने पर स्टार्टअप को बधाई दी। फ्रेशले 19 एग्री टेक प्राइवेट लिमिटेड के अमन ने सभी अधिकारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि स्टार्ट-अप विश्वविद्यालय में नवाचार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा।
कुटिक की समन्वयक डॉ. अनुरेखा शर्मा ने कहा कि यह साझेदारी छात्रों, अन्य स्टार्ट-अप्स, संकायों और विश्वविद्यालय के साथ-साथ राज्य के लोगों के लिए नए अवसर लाएगी और उनकी रचनात्मकता और ज्ञान को दुनिया भर में जाना जाएगा। उन्होंने इस समझौते के सहयोग के लिए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व अपनी पूरी टीम का आभार प्रकट किया। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. ब्रजेश साहनी, डॉ. राजन शर्मा, प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. अनिल मित्तल, डॉ. हरदीप आनंद, डॉ. अश्वनी मित्तल और डॉ. रीता देवी मौजूद थे।
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