पाकुड़। जिले के स्थानीय बलिहारपुर गांव निवासी सुरेश अग्रवाल को अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत पाकुड़ जिला के पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर कमलेश्वर कुमार ने पाकुड़ एसटीएसई थाना में कांड 03/23 दर्ज थी। जिसका अनुसंधान एसडीपीओ अजीत कुमार विमल कर रहे थे। अनुसंधान में जांच-पड़ताल के बाद सुरेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। आखिर में पाकुड़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए टेक्निकल सेल एवं मोबाइल लोकेशन के माध्यम से रांची से गिरफ्तारी कर पाकुड़ जेल भेज दिया गया। श्री अग्रवाल हमेशा दलित वर्ग के पदाधिकारियों को तथा लोगों को ईर्ष्या एवं जात पात का भेदभाव करते थे। जिला पशुपालन पदाधिकारी महोदय को धमकाने पर जो कि एक दलित वर्ग के हैं उन्होंने श्री अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज की थी तथा व्हाट्सएप के माध्यम से ग्रुप में तरह-तरह के मैसेज कर भयाक्रांत करते रहते थे। वही व्हाट्सएप में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने आपको बताते थे जब पुलिस ने उनको रांची से गिरफ्तार किया तो श्री अग्रवाल अपने आप राजद का नेता बताने लगे और पार्टी के बैनर को बदनाम कर रहे हैं। इसकी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी घोर निंदा करती है।