गिरिडीह। भारत छोड़ो आंदोलन तथा अंतरराष्ट्रीय जनजातीय दिवस पर अखिल भारतीय किसान महासभा तथा भाकपा माले की ओर से गिरिडीह में एक दिवसीय धरना का आयोजन कर केंद्र सरकार पर आदिवासी और किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए विरोधस्वरूप संघर्ष का संकल्प लिया गया।भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव,माले के गिरिडीह विधानसभा प्रभारी राजेश सिन्हा,पूर्व जिप सदस्य मन्नौवर हसन बंटी आदि की अगुवाई में दर्जनों लोगों ने स्थानीय झंडा मैदान में धरना दिया तथा आज के ऐतिहासिक दिन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, लोग जब देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे तो कुछ लोग उस समय भी अंग्रेजों के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि आज की सरकार आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों को भी छीन लेना चाहती है, उन्हें जल, जंगल,जमीन से वंचित करने की साजिश हो रही है। कहा कि दूसरी ओर, देश की सार्वजनिक संपत्तियों को भी कारपोरेट कंपनियों के हवाले कर सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है,आम जनता की मूलभूत समस्याएं सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो चुकी हैं, देश के युवाओं को ठगा गया है,किसानों-मजदूरों के साथ छल किया गया है। कहा,हक-अधिकार के लिए लड़ने वालों पर झूठे मुकदमे और दमन का सहारा लिया जा रहा है, कुल मिलाकर देश के संविधान और लोकतंत्र पर ही खतरा है।जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी,इसलिए चौतरफा आंदोलन तेज हो गए हैं। जिसके विरोध में आगामी 14 अगस्त को भाकपा माले द्वारा पूरे देश में संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए मार्च का आयोजन किया जाएगा। बताया गया कि गिरिडीह जिले में भी लगभग 10000 लोग बिरनी प्रखंड के बरमसिया चौक से 15 किलोमीटर दूर राजधनवार तक 15 किमी मार्च निकालेंगे।माले नेताओं ने तमाम लोगों से आजादी मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू, मनोज कुमार यादव, रामलाल मंडल, उज्जवल साव, सुनील राय, नौशाद अहमद चांद,नौशाद आलम, सुकर बास्की, रिंकू यादव, मोहम्मद इकराम,संजय चौधरी, पंकज वर्मा,रोहित यादव,जय नारायण सिंह, चंद्रिका दास,शंभु तुरी, शफीक अंसारी सहित अन्य मौजूद थे।
भारत छोड़ो आंदोलन व विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा माले नेताओं ने कहा-मोदी सरकार आदिवासियों का हक छीन रही,संघर्ष तेज करना होगा
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