पूर्व आयुक्त चन्द्र मोहन कश्यप के खिलाफ पर धरना पर बैठा पहाड़िया परिवार

आयुक्त कार्यालय के सामने पर धरना पर बैठा पहाड़िया परिवार

पांच लाख घुस नहीं देने पर विपक्षी के खिलाफ फैसला सुनाने का आरोप लगा रहे है पहाड़िया

दशरथ महतो/दुमका। संताल पगरना प्रमंडल के पूर्व आयुक्त चन्द्र मोहन कश्यप पर जमीन से जुड़े एक वाद में घुस मांगने पर पैसा नहीं देने के कारण गलत फैसला सुनाने का आरोप लगाते हुए पहाड़िया परिवार धरना पर बैठ गया है। दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड के हंसडीहा थाना क्षेत्र के लतबेरवा पंचायत के ठाड़ीखसिया गांव के पहाड़िया हान्दा पुजहर पूरे परिवार के साथ धरना पर बैठ गया है। हान्दा ने बताया कि उसका 17 बीघा जमीन है। वह दो भाई और दो बहन है। उनलोगों का बच्चा भी है। उसका परिवार पश्चिम बंगाल में रहता है। पिछले कई वर्षों से उसक परिवार रामगढ़ के ठाड़ीखसिया नहीं आ पा रहा था। इसी दौरान गांव महाजन श्रीपति मंडल ने अपने पुत्र सुबोध कुमार मंडल को दोलो पुजहर का दŸाक पुत्र बना दिया। इसकी भनक पहाड़िया परिवार को नहीं लगी थी कि सुबोध कुमार मंडल पोष्य पुत्र बन गया है। उसके बाद श्रीपति मंडल ने होन्दा के जमीन पर पक्का मकान बना लिया। होन्दा के ग्रामीण सागर पुजहर ने इसकी जानकारी उसे पश्चिम बंगाल जाकर दिया। उसके बाद दोलो पुजहर को जानकारी मिलते ही उसने दुमका अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में पोष्य पुत्र उच्छेदी केस कर दिया। अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय ने श्रीपति मंडल को उच्छेद कर दिया। उसके बाद तत्कालीन उपायुक्त मस्त राम मीणा के न्यायालय में अनुमंडल पदाधिकारी के निर्णय को बरकरार रखा और पहाड़िया परिवार का जमीन अतिक्रमण नहीं करने का आदेश दिया। उसके बाद श्रीपति मंडल ने आयुक्त के न्यायालय में केस किया। कमिश्नर कोर्ट में आरएमआर 31/08-09 केस के दौरान ही श्रीपति मंडल का पुत्र सुबोध कुमार मंडल पोष्प पुत्र डीड के आधार पर पहाड़िया समुदाय में शामिल हो गया। वर्तमान में वह पहाड़िया आदिम जनजाति का लाभ ले रहा है। वह अब आरक्षण लेने के लिये सारी तैयारियां कर रहा है। होन्दा का आरोप है सुबोध शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में भी स्वयं को पहाड़िया घोषित कर रहा है। होन्दा ने बताया कि 14 वर्ष के बाद उसके जमीन से जुड़े केस में तत्कालीन कमिश्नर चन्द्र मोहन कश्यप ने उससे पांच लाख रूपया उसके पक्ष में फैसला देने के एवज में मांगा। उसने कहा के वह जमीन गिरवी रखकर पांच हजार तक दे सकता। कमिश्नर ने पहले उनलोगों को भगा दिया और उसके बाद दरवाजे पर रूकवाया और तुमलोग के केस में फैसला सुना दिये है। कोर्ट के निर्णय का नकल निकलवाने का निर्देश दिया। उसके बाद से 9 महीने बीत जाने के बाद केस के निर्णय का नकल उनलोगों को नहीं मिला। जब होंदा नकल लेने कमिश्नर कोर्ट पहुंचा तो पता चला श्रीपति के पक्ष में फैसला सुनाया गया। यह जानकारी मिलने के बाद पूरा पहाड़िया परिवार दर्जनों ग्रामीणों के साथ आयुक्त कार्यालय में धरना पर बैठ गया है। पहाड़िया परिवार सीआइडी जांच कराकर इस मामले में पूर्व आयुक्त चन्द्र मोहन कश्यप के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कर रहा है।

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