शिकारीपाड़ा/दुमका/ शिकारीपाड़ा: प्रखंड के बाँसपहाड़ी पंचायत में आज आदिवासी मूलवासी विकास मोर्चा का पंचायत कमिटी का विस्तार और मौजूदा जनसमस्या का त्वरित समाधान को लेकर बैठक संपन्न हुआ। जिसका नेतृत्व सह अध्यक्षता केन्द्रीय अध्यक्ष हाबिल मुर्मू ने किया। इस मौके पर आदिवासी मूलवासी विकास मोर्चा का पंचायत स्तरीय संगठनात्मक विस्तार किया गया जिसमें पंचायत अध्यक्ष पीरू मुर्मू, उपाध्यक्ष चिपलाल हाँसदा, सचिव पौलूस हाँसदा, कोषाध्यक्ष सामुएल हेम्ब्रम, पंचायत मजदूर मोर्चा अध्यक्ष रफाएल हाँसदा, महिला मोर्चा अध्यक्ष मिरू सोरेन, किसान मोर्चा अध्यक्ष सुशील मरांडी, युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेश मुर्मू, आदिम जनजाति मोर्चा अध्यक्ष मिथुन देहरी सहित सक्रिय सदस्य थियेटर मुर्मू, बाबूरजी हाँसदा, साहेब मुर्मू, धुरू मुर्मू व अन्य का चयन सर्वसम्मति से संपन्न किया गया। केंद्रीय अध्यक्ष हाबिल मुर्मू ने नवचयनित पंचायत अध्यक्ष पीरू मुर्मू को माला पहनाकर उनका स्वागत-सत्कार किया तथा तमाम नवपदधारी सदस्यों को ढेर सारी बधाई और शुभकामनायें देकर जनहित कार्य शुभारंभ करने के लिए हौसलाअफजाई किया।
इस दरम्यान पंचायत स्तरीय जनसमस्याओं को लेकर सभी सोलह ग्रामों का बारीकी से आंकलन किया गया जो निम्न अनुसार है:-
सड़क समस्या: इस मौके पर बाँसपहाड़ी पंचायत के सोलह ग्रामों (फूलशहरी, तेलंगापाड़ा,नारायणपुर, खड़ीपहाड़, बादलपाड़ा, जियापानी, कादरपुखुर, लिटियापहाड़, लुटियापहाड़,सिऊलीबोना, मझियनपाड़ा, रामजाम, अस्ताकांदर, गोलदहा, झिकरा, बाँसपहाड़ी) के जनसमस्या का आंकलन किया गया। जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने आपबीती समस्या सुनाते हुए कहा कि मझियनपाड़ा, गोलदहा, झिकरा व बाँसपहाड़ी एक एक टोला के सिवा बाकी सभी ग्रामों के ग्रामीण पक्की सड़क व्यवस्था से वंचित हैं। इनमें आदिम जनजाति बहुल आबादी ग्राम कादरपुखुर, लिटियापहाड़, लुटियापहाड़, झिकरा (गुलीपाड़ा) व बाँसपहाड़ी सहित अन्य ग्राम में पक्की सड़क नहीं है। जिसके कारण सरकार के 108 एंबुलेंस सेवा से बीमार महिला-पुरूष वंचित रह जाते हैं तथा उन्हें खटिया में टाँग कर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हैं।
पेयजल समस्या: आगे उन्होंने बताया कि बाँसपहाड़ी पंचायत के सभी सोलह ग्रामों में पेयजल समस्या बरकरार है। इनमें एक टोला में पेयजल है तो अन्य बाकी टोला में पूर्णतः पेयजल समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं।
शिक्षा समस्या: राज्यकृत उच्च विद्यालय बाँसपहाड़ी में तीन सौ छात्र का पठन-पाठन मात्र चार शिक्षक भरोसे चल रहा है। जियापानी, मझियनपाड़ा, रामजाम, अस्ताकांदर, गोलदहा गाँव के छात्र शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।
राशनकार्ड समस्या: ग्राम तेलंगापाड़ा में दो, नारायणपुर में दो, जियापानी में सात, कादरपुखुर में तीन, मझियनपाड़ा में छः, रामजाम में पाँच, अस्ताकांदर में चार, गोलदहा में पाँच, झिकरा में दो और बाँसपहाड़ी में पाँच गरीब ग्रामीण परिवार राशनकार्ड से वंचित होने के कारण उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
रोजगार समस्या: बाँसपहाड़ी पंचायत के सभी सोलह ग्रामों से तकरीबन साढ़े पाँच सौ गरीब आदिवासी महिला-पुरूष व युवा मजदूरगण प्रतिवर्ष रोजी रोजगार को लेकर अन्य राज्य पलायन करने के लिए मजबूर होते हैं।
पुलिया समस्या: मझियनपाड़ा ग्राम में अवस्थित जोरिया पर पुलिया व्यवस्था नहीं रहने के कारण अन्य पड़ोसी ग्राम के ग्रामीणों को पश्चिम बंगाल जोड़नेवाली सीमांत सड़कों तक आवागमन समस्या अत्यंत परेशान हैं।
इस अवसर पर आदिवासी मूलवासी विकास मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष हाबिल मुर्मू ने जिला व प्रखंड प्रशासन से बाँसपहाड़ी पंचायत के सोलह ग्रामों के सभी जनसमस्या को त्वरित समाधान करने का माँग किया। समाधान नहीं होने के स्थिति पर सड़क पर जनांदोलन करने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर अगस्टीन बास्की, राजेश टुडू, महिन्द्र सिंह,सरकार किस्कू, सुशील मरांडी सहित भारी तदाद पर महिला-पुरूष व युवा शामिल हुए।