बाबा बैद्यनाथ मंदिर एवं माता पार्वती मंदिर के शिखरों से उतारे गए पंचशूल

दिनांक 17 फरवरी को विधि विधान से पुनर्स्थापित किए जाएंगे बाबा मंदिर प्रांगण अवस्थित सभी मंदिरों के पंचशूल

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देवघर। बाबा बैद्यनाथ मंदिर एवं माता पार्वती मंदिर के शिखर से आज पंचशूल उतारे गए। पंचशूल के स्पर्श-दर्शन को पूर्व से ही बाबा मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु काफी संख्या में उपस्थित थे। जैसे ही पंचशूल उतारे गए उनके स्पर्श दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस अवसर पर बाबा मंदिर प्रशासक-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री मंदिर प्रांगण में उपस्थित थे। उनके साथ मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल दंडाधिकारी दीपांकर चौधरी भी उपस्थित थे। पंचशूल को शिखर से उतारने के बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु इन्हें प्रशासनिक भवन में रखा गया। इन दोनो पंचशूलों को पूजा-अर्चना के बाद उन्हें 17 फरवरी शुक्रवार को मंदिर के शिखर पर पुनर्स्थापित किए जाएंगे। 
परंपरा अनुसार बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में उपस्थित सभी मंदिरों के पंचशूल को शिवरात्रि महोत्सव के पूर्व एक-एक कर उतारा जाता है। इनमें महाकाल मंदिर भैरव मंदिर, हनुमान मंदिर, मां सरस्वती मंदिर, मां बंगला मंदिर समेत अन्य मंदिरों के पंचशूलों को उतारा जाता है। सर्वप्रथम गणेश मंदिर व माता संध्या मंदिर के पंचशूल उतारे जाते हैं। इसके उपरांत अन्य मंदिरों के पंचशूल निर्धारित तिथि के अनुसार उतारे जाते हैं। इसके बाद महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व सभी मंदिरों से उतारे गए पंचशूलों का विधि-विधान से पूजा- अर्चना उपरांत मंदिरों के शिखरों पर पुनर्स्थापित किए जाते हैं। यह परंपरा दशकों से चली आ रही है। 
बाबा मंदिर एवं माता पार्वती मंदिर से पंचशूल उतारे जाने के समय बाबा मंदिर के अन्य पुरोहित एवं पंडा समाज के श्रद्धालुगण एवं आमजन उपस्थित थे।

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