सोलर से लाखों रुपया प्रत्येक माह बचाएगा सिकामु विश्वविद्यालय

दशरथ महतो/दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय बिजली के मामले में बहुत जल्दी आत्मनिर्भर बनाने जा रहा है. इस बाबत विश्वविद्यालय परिसर में कुल 460 केवीए सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू हो चुका है जबकि 200 केवीए सौर ऊर्जा का उत्पादन के लिए कार्य लगभग अंतिम चरण में हैं. विश्वविद्यालय में कुल 660 केवीए सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए परिसर में स्थित विभिन्न भवनों के छतों पर सौर पैनल लगायें गये है, जिसमें से 560 केवीए ऑफ ग्रिड और 100 केवीए ऑन ग्रिड प्रकार के सौर पैनल लगायें गये है. वर्तमान में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय को बिजली उपभोग के लिए लगभग 1.5 लाख बिजली बिल का भुगतान बिजली विभाग को करना पड़ता हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन के इस प्रयास से बिजली बिल अब घटकर 5-10 हजार हो जाने की संभावना है और शेष भवनों का सौर पैनल से उत्पादन शुरू होते ही इसे शून्य में तबदील की जाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है. 

विश्वविद्यालय के सीसीडीसी डॉ. विजय कुमार के अनुसार विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों पर लगे सौर पैनल से 660 केवीए सौर ऊर्जा उत्पादित होंगें. जिसमें से वर्तमान में विभिन्न भवनों में लगे लगे सौर पैनल से कुल 460 केवीए सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू हो चुका जिससें विश्विद्यालय का अकादमिक भवन, प्रसाशनिक भवन-1 और 2, कुलपति आवास एवं कॉमर्स भवन पूरी तरह से बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन चुकें है. उन्होंने कहा बहुत जल्दी शेष भवनों में लगे सौर पैनल से कुल 200 केवीए और सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू हो जायेगा. विश्वविद्यालय प्रशासन के इस पहल से ना सिर्फ विश्वविद्यालय को आर्थिक बचत होगी बल्कि यह कदम पर्यावरण के संरक्षण के दृष्टिकोण से भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगी. 

विश्वविद्यालय परिसर में लगाए जायेंगे स्ट्रीट लाइट:

परिसर में सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू होने के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन पूरा कैंपस में स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी कर रहे है. बहुत ही जल्दी विश्वविद्यालय परिसर के सभी सडकों के किनारे स्ट्रीट लाइट लगवाया जायेगा, जिसका संचालन परिसर में लगे सौर पैनल से किया जाएगा.

र्षा जल संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय परिसर में कराया जायेगा जलाशय का निर्माण.

कुलपति प्रो. डॉ. विमल प्रसाद सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन की एक टीम ने परिसर में स्थित अकादमिक भवन के पीछे चिह्नित जलाशय निर्माण के लिए स्थल को निरीक्षण करने पहुँचें. निरीक्षण के पश्चात विश्वविद्यालय के कुलपति ने जल्दी जलाशय निर्माण कार्य शुरू करने की. पर्यावरण संरक्षण के उदेश्य से विश्वविद्यालय  प्रशासन ने यह निर्णय लिया हैं. जलाशय का निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण करने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ. विमल प्रसाद सिंह के अतिरिक्त कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, सीसीडीसी डॉ. बिजय कुमार, वित्त पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार एवं निरंजन मंडल आदि पहुँचें.

विश्वविद्यालय का इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो डॉ. विमल प्रसाद सिंह ने कहा अकादमिक भवन में 460 केवीए सौर ऊर्जा के उत्पादन से अभी हमारा विश्वविद्यालय आंशिक तौर पर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना हैं कुछ ही महीनों में हम पूरी तरीके से आत्मनिर्भर बन जायेंगे साथ ही उन्होंने कहा जल्दी विश्वविद्यालय परिसर में स्ट्रीट लाइट लगवाने का कार्य शुरू किया जायेगा साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए बोले विश्वविद्यालय परिसर में वर्षा जल संरक्षण के लिए एक जलाशय का निर्माण कराया जायेगा जिसके लिए जगह चिह्नित कर लिया गया है.

वहीं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने इसे पर्यावरण संरक्षण के दिशा में विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा अभी तो आंशिक रूप से हमारा विश्वविद्यालय बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना है, जल्दी हमारा विश्वविद्यालय का पूरा परिसर सौर ऊर्जा से पूर्णतः आत्मनिर्भर बनेगा.

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