सीकर नागरिक परिषद ने एक शिविर में दस हजार से अधिक नेत्र रोगियों की जांच करने का बनाया नया रिकार्ड 

यह नेत्र जांच शिविर राज्य के चिकित्सा इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा : सीकर नागरिक परिषद 

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देवघर। सीकर नागरिक परिषद कोलकाता ने देवघर में तीन दिवसीय नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित करके झारखंड का सबसे अधिक नेत्र रोगियों की जांच करने वाला शिविर होने का गौरव प्राप्त कर लिया। सीकर नागरिक परिषद सचिव रविशंकर सिकरिया ने कहा 
कि देवघर के हंसा गार्डन में सीकर नागरिक परिषद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नेत्र जांच शिविर में अपने निर्धारित लक्ष्य दस हजार को भेदते हुए नेत्र रोगियों के आंकड़े को दस हजार सात सौ तक पहुंचाया। यह आंकड़ा झारखंड में किसी भी संस्था द्वारा एक शिविर में चेक किये गये नेत्र रोगियों के आंकड़े में सर्वाधिक है। 

जो दूसरे के लिए जीये वही इंसान : रवि शंकर सिकरिया
सीकर नागरिक परिषद के सचिव रवि शंकर सिकरिया ने कहा कि अपने लिए तो पशु भी जीते है लेकिन जो दूसरों के लिए जीता है सही मायने में वहीं इंसान है। सीकर नागरिक परिषद द्वारा अपनी जिम्मेदारी और अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा से निर्वहन करते आ रही है। सीकर नागरिक परिषद द्वारा अपने सामाजिक दायित्व निर्वहन के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाते आ रहा है। हमेशा से परिषद का यह प्रयास रहा है कि जहां भी हमारा यूनिट है। वहां के आसपास के लोगों की भलाई के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जाते हैं। उसी दिशा में यह एक प्रयास है।

नेत्र मानव शरीर का महत्वपूर्ण अंग : रवि
उन्होंने कहा कि नेत्र हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए हमें इनकी देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय-समय पर इनकी जांच करवाते रहना चाहिए। दिन प्रतिदिन नेत्रों से संबंधित कई बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं, लेकिन लोग अपने कामकाज में इस प्रकार डुबे हुए हैं कि इसकी ओर कोई विशेष ध्यान नहीं देते है।जिससे नेत्र रोग बढ़ती जा रही हैं और लोग अंधेपन का शिकार बन जाते हैं। यदि समय पर उपचार किया जाए तो अंधे पानी से बचा जा सकता है। इसलिए परिषद द्वारा नेत्र जांच शिविर का आयोजन समय समय पर अलग अलग हिस्से में किया जाता है। 


गरीब अच्छी चिकित्सा सेवाओं के लिए भारी खर्च नहीं कर सकता : रवि
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण जनता अच्छी चिकित्सा सेवाओं के लिए भारी खर्च नहीं कर सकता है।हर कोई बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की यात्रा नहीं कर सकता। यदि उनके घर पर ही चिकित्सा उपचार की व्यवस्था की जाती है तो क्या नुकसान होता है? श्री सिकरिया ने कहा कि यह नेत्र जांच शिविर राज्य के चिकित्सा इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
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