सरिया। मलेसिया में बेस्ट डिप्लोमेट्स संस्था के द्वारा आयोजित विश्वशांति के लिए समागम में भारतीय डेलीगेट जो भूटान का प्रतिनिधित्व कर रहे थे गौतम बर्मा अपने दौरे से वापस लोटे। इस दौरान उन्होंने भाजपा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष प्रणव वर्मा को ज्ञापन सौंपकर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के अध्यन को प्रारंभ करने के लिए ज्ञापन सौंपा है इस बाबत गौतम ने कहा कि अंग्रेजी शासन काल से ही झारखंड विकाश के सभी प्रारूपों में पिछड़ा था। परिणाम स्वरूप झारखंड का निर्माण हुआ। लेकिन दो दशक गुजर जाने के बाद भी झारखंड में शिक्षा व्यवस्था अच्छी नही है। वर्तमान के राजनेता आज के छात्र और युवाओं की समस्या समझने में सक्षम नही है। आज पूरी दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है और झारखंड पिछड़ता जा रहा है। हिंदुस्तान के ही कई राज्य मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में आगे बढ़ रही है। कई राज्य आई. टी. में एआगे बढ़ रही है। अपना राज्य का आर्थिक विकास कर रही है।
और झारखंड खनिजों से परिपूर्ण होकर भी पिछडता जा रहा है और पूरी दुनिया को सबसे सस्ते दर पे मजदूर उप्लब्ध करा रही है। जो झारखंड वासियों सहित झारखंड राज्य निर्माताओं के अपमान का कार्य है। अंतरराष्ट्रीय भाषा का झारखंड में आरम्भ होने के बाद राज्य के युवाओं को दुनिया भर में लेबर और मजदूर के अलावे और भी बेहतर नौकरी और रोजगार पा सकेंगे साथ ही विश्व भर में मौजूद भारत से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियां इकट्ठे करने में भी मददगार साबित होंगे। साथ ही झारखंड के युवा दुनिया भर के मीडिया,आई. टी.और व्यापार में भी बेहतर कार्य कर सकेंगे और राज्य के आर्थिक विकाश में बेहतर योगदान दे सकेंगे साथ ही राजनेताओं को भी याद रखना चाहिए कि जब भारत के द्वारा परमाणु परीक्षण किया गया था तब अमेरिका ने भारत पे कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे और उस समय विदेशो में कार्य करने वाले व्यापारी और कामगारों ने अपनी कमाई से देश के आर्थिक हालात को सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। इसलिए यथासंभव अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का अध्ययन राज्य में आरम्भ किया जाना चाहिए। वर्तमान में लोग दूसरे राज्यों में जाकर अध्यन कर रहे है। जिससे छात्रों को समस्या भी हो रही है और राज्य का आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
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