टाटीझरिया(हजारीबाग) I टाटीझरिया प्रखंड के किसानों को अनुदानित दर पर धान के बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान कभी ब्लॉक तो कभी पैक्स का चक्कर लगा रहें हैं ,लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्हें साफ जवाब मिलता है कि बीज नहीं आया है। किसान चाहते हैं कि इस महंगाई के युग में सस्ते दर पर अनुदानित बीज उन्हे मिल जाए तो कर्ज कम लेना पड़ेगा। क्षेत्र के किसान मानसूनी वर्षा पर आधारित खेती करते हैं। वर्षा जैसे होती है ,किसान खेतों में लग जाते हैं।बीज की व्यवस्था,खाद -उर्वरक की व्यवस्था,कीटनाशक की व्यवस्था आदि में वे जुट जाते हैं। इस क्रम में सरकार द्वारा अनुदानित बीज भी किसानों को दिया जाता रहा है,कई बार निःशुल्क बीजों की व्यवस्था भी की जाती रही है। इस बार यह व्यवस्था टाटीझरिया प्रखंड के किसानों को नहीं मिली। धान बीज लगभग 320रुपए प्रति किलो खुलेआम बाजारों में बेचा जा रहा है, जबकि अनुदानित दर पर इसका मूल्य लगभग 150रुपए प्रति किलो मिलता है। इसलिए किसान अनुदानित बीज के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहें हैं। किसान बोधी महतो, सुरेंद्र यादव,लक्ष्मण महतो,बालेश्वर रविदास, बलदेव महतो ने कहा कि सरकार को पर्याप्त मात्रा में टाटीझरिया प्रखंड को अनुदानित दर पर धान के बीज उपलब्ध कराना चाहिए।
क्या कहते हैं प्रभारी कृषि पदाधिकारी — सुधीर राय से पूछने पर बताया कि धान का बीज अब पैक्स में आता है,लेकिन मुझे लगता है कि यहां नोडल पैक्स का गठन नहीं हो पाया है,इसलिए टाटीझरिया प्रखंड में धान बीज नहीं दिया गया है।
क्या कहते हैं आत्मा के ए टी एम – ए टी एम अमित मोहन ने बताया कि हमलोग को धान का बीज नहीं दिया गया है। केवल मडुआ का बीज हमें मिला है,जो प्रायः महिला समूहों को दिया जाना है।