देवीपुर। सवोॅच्च न्यायालय का 30 अगस्त 2022 के फैसले में यह आदेश पारित किया हुआ है कि जिन जमीनों को पहले से ही वन संरक्षण कानून के दायरे से बाहर रखा गया है उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने इसको समझे बगैर ही इन्हीं जमीनों को को वापिस वन भूमि मानने का आदेश दिया है।वहीं वन भूमि मामले में राज्य सरकारों के वन भूमि किसी प्रकार का परिवतॅन से पूवॅ केन्द्र सरकार से अनुमति लेने का आदेश दिया है।किसी भी प्रकार की वन भूमि अब राज्य सरकार के अधीन नहीं रह गया है।बगैर केन्द्र सरकार के आदेश का वन भूमि का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर के निकट सवा चार सौ करोड़ की बेशकीमती झाड़ी जंगल जमीन झुमरबाद पंचायत के कोंकहारा मौजा नंबर 176 जमाबंदी नंबर 29 रकवा 61 एकड़ 60 डीसमील जमीन पर उच्च न्यायालय में गलत हलफनामा दायर कर कि देवघर अंचल के हथियारा मौजा निवासी बिनोद कापरी वगैरह द्वारा उक्त भूखंड पर शांतिपूर्ण कब्जा कर खेती-बाड़ी करने की झूठी बात बताकर प्रशासन की मदद से कब्जा करने का विरोध कोंकहरा,पांडुरायडीह, धनकोरा,कोल्हड़िया,करतोरायडीह देवीपुर प्रखंड के सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया है।जबकि तथ्य यह है कि ना तो कोंकहरा मौजा के किसी व्यक्ति का अवैध कब्जा है और ना विगत 45 वषों से देवघर अंचल के बिनोद कापरी और ना वहां के ग्रामीणों का किसी प्रकार का दखल कब्जा है और ना खेतीबाड़ी ही कर रहे हैं।
हाई कोर्ट के आदेश पर देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री के आदेशानुसार देवघर अनुमंडल पदाधिकारी दीपांकर चौधरी के आदेश पर देवघर अंचल के अंचल निरीक्षक तरूण कुमार को 24 फरवरी से 5 माचॅ तक मैजिस्ट्रेट, थाना के एसआई गौतम कुमार वर्मा समेत सुरक्षा बल,हल्का कमॅचारी मुकेश मुर्मू, अंचल अमीन रोहित कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है।
क्या है मामला
देवीपुर अंचल अन्तर्गत झुमरबाद पंचायत के कोंहरा मौजा नंबर 176,जमाबंदी नंबर 29,प्लाॅट नंबर 421 रकवा 61 एकड़ 60 डीसमील,किस्म झाड़ी जंगल जमीन बाढ पिड़ीत रहने के कारण देवघर अंचल के हथियारा गांव के लोगों को जिला प्रशासन ने बंदोबस्त किया था।लेकिन उक्त भूखंड पर ना तो हथियारा के ग्रामीणों ने दखल किया और ना म्यूटेशन कराया। ना ही रजिस्टर टू में अपना नाम दजॅ कराया गया।जबकि सरकारी बंदोबस्त जमीन में तीन वषॅ के अन्दर म्यूटेशन कराना अनिवार्य है
।अब एम्स बन जाने के बाद वह जमीन बेशकीमती हो गई है।जिसपर हथियारा के लोग हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा देकर शांतिपूर्ण कब्जा कर खेती बाड़ी करने की बात बताई गई ।जांच में यह भी आरोप निराधार साबित हुआ कि कोंकहरा के लोगों का ने अवैध कब्जा कर रखा है।दोनों पक्ष का किसी प्रकार का दखल कब्जा 24 फरवरीतक नहीं किया गया था।प्रशासन का आड़ लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरूद्ध 25 फरवरी को एक छोटी झोपड़ी हथियारा के ग्रामीणों ने बनाया है।जिसका विरोध देवीपुर प्रखंड के लोग कर रहे हैं।
क्या है हाई कोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट के द्वारा 20अपैल 22 के फैसले में यह आदेश दिया गया है कि प्रायवेट रेसपोंडेंट क्रम संख्या 7 से लेकर 24 तक आवेदक को शांतिपूर्ण दखल कब्जे पर किसी भी प्रकार का व्यवधान ना डाले।देवघर उपायुक्त को भूखंड पर सरकार द्वारा बंदोबस्त शांतिपूर्ण दखल कर रहे लोगों को व्यवधान नहीं डालने का आदेश दिया है। देवीपुर अंचलाधिकारी सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर एक नया आदेश जारी किया गया है कि प्रशासन खड़ा होकर दखल दिलाने का काम नहीं करेगा।
तथ्य यह कि उक्त भूखंड पर किसी पक्ष का कब्जा नहीं है और ना ही हथियारा के लोग बाढ पिड़ीत हैं,क्यों पुनासी डैम बन जाने पर वहां के लोग पूरी तरह बाढ से महफूज हो चुके हैं। उधर जंगल की जमीन को लेकर हथियारा के लोगों के विरुद्ध जनाक्रोश भड़क गया है।स्थित नियंत्रण में बतायी जा रही है।
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