मधुपुर। पूर्व सांसद सह भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ सूरज मंडल ने कहा है कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन से जुड़ा कोई नेता राज्य में सत्तासीन नहीं है जिसके कारण राज्य में भ्रष्टाचार और बेईमानी चरम सीमा पर है। माफिया से मिलकर पत्थर, बालू, आयरन ओर, लकड़ी आदि की लूट चल रही है। प्राकृतिक संसाधनों के अवैज्ञानिक तरीके से दोहन के कारण राज्य खोखला होता जा रहा है। देवघर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वक्तव्य से स्पष्ट है कि झारखंड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। राष्ट्रपति शासन लागू करने के बाद ही भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है। अगर इसे नजरअंदाज किया गया तो परिणाम नकारात्मक होगा। झारखंड में अभिलंब धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार केवल सत्ता पर काबिज रहने और अपने भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने में जुटी हुई है। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद यहां की व्यवस्था इतनी लचर और भ्रष्ट होगी यह कभी आंदोलन के दौरान सोचा भी नहीं था। मौके पर पूर्व सांसद प्रोफेसर सलाउद्दीन अंसारी, आरिफ अंसारी, हाजी रकीब अंसारी आदि उपस्थित थे।
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