समय से नहीं पहुंचे शिक्षक छात्र करते रहे इंतजार

जिन शिक्षक पर बच्चों को समयबद्धता का महत्व बताने की जिम्मेदारी वहीं शिक्षक लेटलतीफी

मोहनपुर। प्रखंड के सरकारी विद्यालय में शिक्षक के आने की लेटलतीफी का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय की ऐसी ही स्थिति है। शिकायत के बाद भी अधिकारी इन शिक्षकों पर कार्रवाई करने से बचते रहते हैं। भले ही राज्य सरकार द्वारा लगातार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाए जा सके मगर सरकार की शिक्षा प्रणाली की मंशा को शिक्षा विभाग के शिक्षक ही पतीला लगा रहे हैं। जिस शिक्षक पर बच्चों को समयबद्धता का महत्व बताने की जिम्मेदारी है। वही शिक्षक स्वयं लेटललीफ है। गुरुवार को मध्य विद्यालय ठाढी़यारा में छात्र समय पर पहुंच गई। मगर साढ़े दस बजे तक शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचे जिसकी वजह से छात्रों को विद्यालय खुलने का इंतजार कर रहे । कई बच्चों ने जहां-तहां किताब रखकर विद्यालय परिसर में खेलने लग गए।ग्रामीणों ने बताया कि यहां के शिक्षकों के ना आने का समय और ना जाने का शिकायत करने पर भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं शिक्षक के अभिलंब आने की शिकायत कई बार की जा चुकी है। जिसके चलते बच्चे के अभिभावकों में खासा रोष है खासतौर से प्राथमिक विद्यालय के बाहर स्कूल के बच्चे अपने शिक्षक का इंतजार करते हुए देखे जा सकते हैं विद्यालय के शिक्षक रोजाना समय पर नहीं पहुंचते हैं शिक्षक लापरवाह रवैया छोड़ने के नाम नहीं ले रहे हैं जब समय से अध्यापक व शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचेंगे तो यहां पर आने वाले छात्रों की शिक्षा के स्तर को कैसे सुधारा जाए या अपने आप में बड़ा सवाल है। बताते चलें कि पूर्व में भी इस विद्यालय की कई मामले उजागर हो चुके हैं।

शिक्षक पर नहीं होती है कार्रवाई
देर से आने वाले शिक्षकों की बड़ी तादाद है, विद्यालय न आने या विलंब से आने वाले शिक्षकों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकतर मामला उजागर होने के बाद कार्रवाई करने की वजह लीपापोती करने में लग जाते हैं। इसे विभागीय गठजोड़ का पता चलता है।
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