राजस्थान की पहली वंदे भारत रेल को मुख्यमंत्री, रेल मंत्री एवं राज्यपाल ने हरी झण्डी दिखाकर रेल को किया रवाना

रेलवे राजस्थान को विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते दे विशेष महत्व :- गहलोत 

जयपुर । (खलील कुरैशी) I राजस्थान की पहली वंदे भारत रेल का शुभारंभ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कालराज मिश्र तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झण्डी दिखाकर वंदे भारत रेल  को रवाना किया।इस अवसर पर गहलोत ने कहा कि वन्दे भारत ट्रेन राजस्थान  के लिए एक बड़ी सौगात है।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जयपुर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत रेल  के शुभारंभ समारोह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में रेलवे का अहम योगदान है। आजादी के बाद रेलवे में आए बदलाव हमारे महान नेताओं की सोच, रेलवे के निष्ठावान कर्मचारियों और अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। रेलवे ने यात्री और माल परिवहन के साथ देश में प्राकृतिक आपदा और युद्ध के समय भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से विशिष्ट पहचान के कारण राजस्थान में रेलवे के विकास की सर्वाधिक आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में तेज गति से औद्योगिक विकास हुआ है। इस कारण यहां रेल सुविधाएं बढ़े तो प्रदेश अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देश में अग्रणी बनेगा।

वन्दे भारत ट्रेन राजस्थान के लिए सौगात:…
यह राजस्थान की प्रथम सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जिससे जयपुर से दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होगा। मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने रेलमंत्री से आग्रह किया कि बांसवाड़ा, टोंक, करौली आदि मुख्यालयों को भी रेलवे सुविधाओं से जोड़ा जाए।

डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम परियोजना को दी जाए उच्च प्राथमिकता:
मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम के बीच रेल सेवा के लिए राजस्थान सरकार और रेलवे बोर्ड के बीच एमओयू हुआ था। बांसवाड़ा में रेल लाइन का शिलान्यास भी किया गया था। पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा एक मेजर रेल प्रोजेक्ट के लिए भूमि सहित 1250 करोड़ रुपये दिए गए थे। लेकिन जनहित का यह काम आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

जैसलमेर-बाड़मेर को मुंद्रा एवं कांडला बंदरगाह से जोड़ा जाए:
गहलोत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को देखते हुए जैसलमेर-बाड़मेर को मुंद्रा और कांडला बंदरगाह से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन निर्माण की आवश्यकता है। यह नई रेल लाइन केंद्र सरकार के उपक्रम एचपीसीएल एवं राज्य सरकार के एमओयू के अनुरूप बाड़मेर में चल रहे रिफाइनरी के कार्य तथा पश्चिमी क्षेत्र के विकास की दृष्टि से काफी लाभकारी सिद्ध होगी।

मेमू कोच फैक्ट्री स्थापना पर लिए जाएं सकारात्मक निर्णय:
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर (Jaipur) से चित्तौड़गढ़ वाया अजमेर ब्रॉडगेज रेलवे मार्ग पर स्थित गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) में मेमू कोच फैक्ट्री की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा 323 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने आग्रह किया कि रेल मंत्रालय द्वारा गुलाबपुरा में मेमू कोच फैक्ट्री स्थापित करने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

समारोह में सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, रेलवे के अधिकारी एवं आमजन उपस्थित
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