ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं अत्मनिर्भर बनाना है : उपविकास आयुक्त
देवघर। सोमवार को मंत्री कृषि पशुपालन एवं सहकारिता बादल पत्रलेख द्वारा पशुधन विकास योजना से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन शिल्पग्राम ऑडिटोरियम नंदन पहाड़ देवघर में किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके माध्यम से आमजनों को लाभान्वित किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के माध्यम से अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा रोजगार के खोज में पलायन कर रहे युवाओं को बेहतर कमाई का साधन देना हैं। कार्यक्रम में स्वेत क्रांति को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ दुग्ध उत्पादन कर दुध एवं दुग्ध उत्पाद का मुल्य संवर्धन करने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा पशुपालन व्यवसाय कर जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा दुग्ध उत्पादन में होने वाले लागत को कम कर आमदनी बढ़ाने के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री पत्रलेख ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी नीतियां एवं योजनाओं के वस्तुस्थिति से सभी को अवगत कराते हुए कहा कि आज राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण लाभुक सरकार की नीतियों एवं योजनाओं से प्रसन्न एवं संतुष्ट हैं। इसका कारण बताते हुए मंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना का त्वरित क्रियान्वयन एवं राशन कार्ड, आधार कार्ड, प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण किए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने योजनाओं को सफल बनाने में सहयोग देने हेतु प्रशासनिक पदाधिकारियों की भी सराहना की।
आगे उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्हें सरकार द्वारा दिए जा रहे समर्थन के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार आने वाले दिनों में और भी जनकल्याणकारी योजनाएं लाने पर विचार कर रही है। साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में आगे उन्होंने बताया की कोरोना महामारी के कारण स्थिति बिगड़ने के बाद संकट प्रबंधन करते सरकार द्वारा बाजार उपलब्ध कराए गए जिसके कारण झारखंड राज्य का कृषि विकास दर रिकॉर्ड दर पर बढ़ने के बाद आज 26 प्रतिशत है। पैक्स केंद्रों में एमएसपी पर धन खरीदे जाने के कारण विकास में वृद्धि एवं किसानों को उचित दर पर भुगतान किए गए।
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