केंद्र में पहुंचा शहर में ईवी पॉलिसी के तहत ईंधन वाहनों की रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने का मामला

इलेक्ट्रिक के साथ साथ पेट्रोल डीज़ल वाहनों को रजिस्ट्रेशन भी जारी रहे-------कैलाश चन्द जैन 

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हरियाणा/चंडीगढ़,- (वासु के मेहता हरियाणा पॉलिटिकल ब्यूरो प्रमुख) I उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ UVM  ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा ईवी  नीति के तहत पेट्रोल व  डीजल ईंधन से चलने वाले वाहनों की रजिस्ट्रेशन की कैपिंग करके नई रजिस्ट्रेशन  बंद किए जाने संबंधी आदेशों पर पुनर्विचार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,सड़क एव परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपिंदर यादव को पत्र लिख कर इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ साथ पेट्रोल व डीज़ल के वाहनों की रजिस्ट्रेशन जारी रखे जाने के आदेश देने का  अनुरोध किया है।
UVM अध्यक्ष कैलाश चन्द जैन द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा ईंधन से चलने वाले  दो पहिया वाहनों की रजिस्ट्रेशन दिनांक 6 अक्टूबर 2023 से बंद कर दी है तथा चार पहिया वाहनों कारों का कोटा भी इस हफ्ते समाप्त हो रहा है जिसके बाद उनकी रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दी जाएगी।
 कैलाश जैन का कहना है  चंडीगढ़ के व्यापारी शहर में पर्यावरण की रक्षा के लिए बेशक ईवी पॉलिसी इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रमोशन के हक में है लेकिन किसी भी अव्यावहारिक फैसले के विरोध में है । चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा जो वाहनों की रजिस्ट्रेशन के लिए कैपिंग की जो पॉलिसी बनाई गई है वह बिल्कुल भी व्यावहारिक अथवा फिजिबल  नहीं है । पूरे देश मे ऐसी कैपिंग वाली पालिसी कहीं भी नही है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन इतना नहीं है जितनी  मांग है। इलेक्ट्रिक वाहन ईंधन  वाले वाहनों के मुकाबले काफी महंगे हैं इससे आम व्यक्ति की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।  इसके अलावा चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से भी इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए मुसीबत आने वाली है।  इनसे भी  बड़ी बात यह है कि अभी त्योहारी सीजन है और त्योहारो  में आम आदमी बाकी चीजों के अलावा वाहनों की खरीदारी भी करता है लेकिन जब रजिस्ट्रेशन नहीं होगी तो वह वाहन  की खरीदारी कैसे करेगा।  उसे मजबूरन गलत तरीके से दूसरे राज्यों में से वाहन खरीदना पड़ेगा,  जिससे ग्राहक को तो परेशानी होगी ही साथ ही साथ प्रशासन को भी सरकारी  रेवेन्यू  का घाटा सहन करना पड़ेगा।
   उन्होंने बताया कि शहर के ऑटो डीलरों के पास करोड़ों रुपए के वाहनों का स्टॉक पड़ा है बैंकों से कर्जा लेकर यह स्टॉक जमा किया गया है , हजारों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं ऐसी पॉलिसी से सभी डीलरों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा व कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
       कैलाश जैन ने मांग की है कि जब पूरे देश में इस प्रकार की कैंपिंग किसी भी राज्य में नहीं की गई है तो केवल चंडीगढ़ में ही कैंपिंग क्यों। हम भी चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों  को बढ़ावा देना चाहिए लेकिन इसके लिए ईंधन से चलने वाले पारंपरिक वाहन एकदम से बंद नहीं किए जाने चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहन व पेट्रोल डीजल ईंधन  से चलने वाले दोनों ही वाहनों की रजिस्ट्रेशन जारी रखी जानी चाहिए।
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