ओलचिकी लिपि की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने मिहिजाम जामताड़ा हाईवे सड़क किया जाम… विधायक डॉ इरफान अंसारी बोदमा पहुंचे

आदिवासियों की मांगे जायज है... आने वाले मानसून सत्र में मामले को सदन में उठाऊंगा : इरफ़ान अंसारी

3

जामताड़ा  I जामताड़ा के बोदमा मे आदिवासियों द्वारा संताली भाषा के पुस्तकों का मुद्रण ओलचिकी लिपि मे कराने की मांग को लेकर मिहिजाम जामताड़ा हाईवे को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी बोदमा पहुंचे और पूरी मांग को विस्तृत रूप से जाना। मौके पर आदिवासी समाज ने विधायक से कहा कि राज्य सरकार को संताली भाषा व ओलचुकी के मसले पर 27 जून तक ठोस कार्रवाई के लिए समय दिया गया था लेकिन सरकार उसमें विफल रही इसलिए हम लोगों ने आज पूरे झारखंड बंद का आह्वान किया है। हमारी मांग है कि संताली भाषा के पुस्तकों का मुद्रण और ओलचिकी लिपि में कराए जाएं एवं संताली भाषा के शिक्षकों की बहाली अविलंब कराई जाए। साथ ही संथाली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देते हुए अविलंब संताली अकादमी का गठन किया जाए। संथाली भाषा ओलचिकी को एलकेजी से पीजी तक की पढ़ाई संताली ओलचिकी भाषा में हो। पाठ्य पुस्तक देवनागरी से नहीं बल्कि ओलचिकी भाषा में प्रकाशित किया जाए। मौके पर विधायक  ने पूरी समाज से आग्रह किया कि राज्य आपका है और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी आपके हैं तो फिर आप लोगों को सड़क जाम करने की आवश्यकता नहीं है। हमारे मुख्यमंत्री जी गंभीर हैं और पूरे मसले को काफी करीब से देख रहे हैं। आने वाले मानसून सत्र में मैं इस मांग को पुरजोर ढंग से सरकार के समक्ष रखूंगा और मैं भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांग को पूरा कराउंगा।आपकी मांगे जायज है और मैं बहुत जल्द पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री जी से मिलूंगा और आपकी बातों को रखूंगा। विधायक के आश्वासन के बाद समस्त आदिवासी समाज ने जाम हटाया और कहां कि हमें अपने विधायक इरफान अंसारी पर भरोसा है कि वह जो बोलते हैं वह करते हैं। हम उनके कहने पर जाम को हटा रहे हैं। हमारे आग्रह पर विधायक जी हमारे बीच आए इसके लिए हम सभी लोग उनको धन्यवाद देते हैं।

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/bxpv

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *