व्यापारियों का खाद्यान्न बन्दी आज चौथे दिन भी जारी

खाद्यान्न के साथ ही पशु आहार भी नहीं मिल रहे, जनता की कठिनाइयां बढ़ी

रेस्टॉरेंट भी अब होने लगेंगे बन्द

व्यापारी एकजुटता बना आंदोलन को मजबूती दे रहे - कृषि विधेयक वापस के आगे और कुछ नहीं स्वीकार

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देवघर। झारखण्ड राज्य कृषि उपज, वन उपज और पशुधन विपणन विधेयक के विरोध में राज्यव्यापी खाद्य वस्तुओं का अनिश्चितकालीन बन्दी से व्यापारी पीछे हटने को तैयार नहीं। देवघर के व्यापारियों का कहना है कि जबतक झारखण्ड सरकार उक्त जनविरोधी और अवैध वसूली के पर्याय विधेयक को वापस नहीं लेती, हम झुकने को तैयार नहीं। अनिश्चितकालीन बन्दी के चौथे दिन भी देवघर जिले में पूर्ण बन्दी में कोई ढील नहीं देखी गई, बल्कि व्यापारी और ज्यादा संगठित होते दिखे। आज फिर देवघर जे व्यापारी गोलबंद होकर टावर चौक गाँधीजी की मूर्ति के सामने 2 घंटे धरना-प्रदर्शन किया। आज के धरना प्रदर्शन में संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, देवघर चैम्बर के अध्यक्ष रवि केशरी, बैद्यनाथ चैम्बर के अध्यक्ष पंकज पंडित, खुदरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष नारायण टिबड़ेवाल, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश बाजला, पशु आहार विक्रेता के अग्रणी अशोक जैन सहित सभी संगठनों के अन्य पदाधिकारी और व्यवसायी दर्जनों की संख्या में मौजूद थे। सबने कृषि बिल वापस लो, झारखंड सरकार हाय-हाय, कृषि मंत्री होश में आओ, व्यापारी एकता जिन्दाबाद के नारा लगाते देखे। धरना के माध्यम से व्यापारियों ने कृषि बिल के दुष्परिणामों और किसान, व्यापार और आमजनों से होने वाले अवैध वसूली की ओर लोगों को आगाह किया। इस बिल के लागू हो जाने से न सिर्फ महंगाई बढ़ेगी, बल्कि झारखंड के व्यापार पड़ोसी राज्यों की तुलना में पिछड़ जाएगी। यहां का खाद्यान्न व्यापार, राइस और फ्लॉवर मिल को पलायन अथवा व्यापार बन्द करने की नौबत आ सकती है। ऐसे में व्यापारियों ने करो या मरो की लड़ाई करने को तैयार हैं। चैम्बर राज्य सरकार से पुरजोर मांग करती है कि व्यवसायियों के दर्द को सहानुभूतिपूर्वक समझ कर, राज्य के व्यापार हित में इस जनविरोधी विधेयक को वापस लेने की घोषणा करे।
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