श्रद्धालु देवतुल्य होते हैं उनके साथ बिल्कुल संयमित व्यवहार करे : मंजूनाथ भजंत्री
देवघर। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम व सुरक्षित जलार्पण कराने को लेकर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों व अधिकारियों के साथ ऑनलाईन समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उपायुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि बाबा मंदिर से लेकर सम्पूर्ण रूटलाईन में प्रयाप्त संख्या में दण्डाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति चार पालियों में की गयी है। सभी को निदेशित किया गया है कि वे अपने प्रतिनियुक्त स्थल पर समय से पहुंचगे एंव अगले पाली के दंडाधिकारी के उपस्थित होने के उपरांत ही अपने स्थल को छोड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि मेला के सफल संचालन में आपसी समन्वय एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान का काफी महत्व है। ऐसे में आप सभी दण्डाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी, जिला प्रशासन व कन्ट्रोल रूम के साथ समन्व्य के साथ कार्य करें, ताकि मेला का सफल व सूचारू रूप से संचालन किया जा सके।
सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार तथा अफवाहों के रोकथाम हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग लगातार करने के साथ-साथ अफवाह की जानकारी मिलने पर वरीय पदाधिकारी को त्वरित सूचना दें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंडा समाज एवं मीडिया से समन्वय के साथ संचार कायम रखेंगे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित करने तथा पंक्ति के निर्बाध संचालन हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश देते हुए स्पाइरल, स्लाइडर तथा होल्डिंग प्वाइंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ फर्स्ट एड कीट, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सक तथा आपातकाल निकासी की व्यवस्था को सुनिस्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा की श्रद्धालुओं के साथ बिल्कुल संयमित व्यवहार करे एवं उन्हें सुगम जलार्पण हेतु हर संभव सुविधा उपलब्ध कराए। श्रद्धालु देवतुल्य होते हैं, उनके सुगम जलार्पण में सहयोग कर पुण्य के भागी बने।
उपायुक्त ने जिला नियंत्रण कक्ष, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य सेवा, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सक्रिय रूप से कार्यरत रहने को कहा ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी समाधान किया जा सके।
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