देवघर। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सह अध्यक्ष शताब्दी समारोह समिति, पूर्व विधायक गोड्डा, सह प्रधान महासचिव राजद झारखंड ने कहा कि झारखंड में सरकार 75 फीसदी निजी क्षेत्र की नौकरी स्थानीय को मिल रही है या नहीं इसकी जांच करेगी। झारखंड विधानसभा ने इसके लिए एक कमेटी गठन किया है। जिसमें पांच विधायक शामिल हैं। नलिन सोरेन कमेटी के संयोजक हैं। इसके साथ ही प्रदीप यादव, नारायण दास, सुदिव्य कुमार और भूषण बड़ा सदस्य हैं। यह टीम जांच करेगी कि सरकारी कार्यालय में कितने स्थानीय लोगों को नौकरी मिली है। कमेटी यह भी जांच करेगी कि सरकारी कार्यालय में निजी एजेंसियों द्वारा कितने स्थानीय लोगों को नौकरी दी गयी है।
जब स्थानीय नीति और नियोजन नीति है ही नहीं तो जांच किस आधार पर होगा। बिना थर्मामीटर के चले हैं बुखार नापने स्थानीय नीति और नियोजन नीति राज्य में है ही नहीं तो जांच किस आधार पर होगा, यह पोड़ैयाहाट विधायक को स्पष्ट करना चाहिए।